संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बेटियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए डाक घर की सुकन्या समृद्धि योजना जिले के लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। योजना के प्रति बढ़ते विश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मई माह में जिले के 700 लोगों ने अपनी बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि खाते में निवेश किया है। डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस योजना को लेकर जागरूकता बढ़ी है, जिसके चलते लगातार नए खाते खोले जा रहे हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं की शिक्षा और विवाह जैसे महत्वपूर्ण खर्चों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। इस योजना में 10 वर्ष तक की आयु की बालिका के नाम पर माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खुलवा सकते हैं। वर्तमान में योजना पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है, जो चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है।
योजना के तहत, खाताधारक एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। खाता 21 वर्ष में परिपक्व होता है, जबकि निवेश केवल 15 वर्ष तक करना होता है। इसके अलावा जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर छूट का लाभ मिलता है। योजना में मिलने वाला ब्याज और परिपक्वता राशि भी पूरी तरह कर-मुक्त है।
बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के उद्देश्य से अभिभावक बड़ी संख्या में इस योजना से जुड़ रहे हैं। योजना की सरल प्रक्रिया, आकर्षक ब्याज दर और कर लाभ इसे अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक लोकप्रिय बना रहे हैं। - गुलशन कुमार, अधिक्षक, सदर बाजार डाकघर