वर्ष 2026 में अब तक 220 लोग गंवा चुके हैं जान, तेज रफ्तार बन रहीं हादसों की वजह
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर बने मौत के केंद्र (ब्लैक स्पॉट) पर हादसे नहीं रुक रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में इन ब्लैक स्पॉट के कारण हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वर्ष 2026 में अब तक 220 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। एनएच-48 पर मुख्य तौर पर राजीव चौक, शंकर चौक, बिलासपुर चौक, पचगांव चौक, वाटिका चौक, एसपीआर रोड, खेड़कीदौला टोल के पास, घामडोज टोल के पास सहित कई स्थानों पर हादसे होते हैं। इन स्थानों पर वाहनों का तेज रफ्तार से चलना भी हादसों का कारण बन रहा है। हालांकि यातायात पुलिस द्वारा ब्लैक स्पॉट निरीक्षण करके उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
इन स्थानों पर बने ब्लैक स्पॉट
गुरुग्राम में एनएच-48 पर कापड़ीवास चौक, रमन मुंजाल युनिवर्सिटी के पास, राठीवास, औद्योगिक क्षेत्र बिनौला, पचगांव चौक, एनएसजी घाटी मानेसर, मानेसर बस स्टॉप, रामपुरा फ्लाईओवर, वाटिका चौक, नरसिंहपुर, खांडसा फुटओवर ब्रिज, बेरीवाला बाग, एटलस फुटओवर ब्रिज, शंकर चौक के पास, एंबियंस मॉल से दिल्ली बॉर्डर पर ब्लैक स्पॉट बने हैं। इसके अलावा सेक्टर-42/43 रेपिड मेट्रो जैनपैक्ट चौक और सेक्टर-53/54 रेपिड मेट्रो के पास एआईटी चौक पर भी दो ब्लैक स्पॉट हैं।
हाईवे पर ब्लैक स्पॉट का आकलन
राष्ट्रीय हाईवे के करीब 500 मीटर के दायरे को तब ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है, जब वहां पिछले तीन वर्षों में कम से कम पांच गंभीर दुर्घटनाएं हुई हों या 10 लोगों की मौत हुई हों। पुलिस और सड़क प्राधिकरण मोबाइल एप के माध्यम से सड़क दुर्घटना स्थल की वास्तविक समय में जियो टैगिंग करते हैं। जांच टीमें दुर्घटना के समय (जैसे रात के समय या सप्ताहांत पर) स्थल का भौतिक दौरा करके कमियों का आकलन करती हैं। हाईवे पर अवैध कट, गड्ढे या डिवाइडर की खराब बनावट को भी जांचा जाता है।
गुरुग्राम में पांच वर्षों में ब्लैक स्पॉट की स्थिति
वर्ष 2022 में ब्लैक स्पॉट की संख्या 48 दर्ज की गई थी। वर्ष 2023 में यातायात पुलिस ने सड़क हादसों में कमी लाने के काफी प्रयासों के बाद करीब 18 ब्लैक स्पॉट थे। वर्ष 2024 में नए पॉइंट बख्तावर चौक, 32 माइलस्टोन, पालम विहार व झाड़सा अंडरपास सहित अन्य चिह्नित होने के बाद 10 नए ब्लैक स्पॉट जुड़ने से आंकड़ा 28 पहुंच गया था। वहीं, वर्ष 2025 में 23 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे।
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पांच वर्षों में हुए हादसे व मौत का आंकड़ा
वर्ष हादसों की संख्या मौत घायल
2021 944 377 845
2022 1040 404 886
2023 1172 494 874
2024 1019 478 750
2025 1115 472 770
2026 450 220 -
नोट : वर्ष 2026 के पिछले माह के आंकड़े हैं
हाईवे व एक्सप्रेसवे पर जिन स्थानों पर ज्यादा सड़क हादसे होते हैं, उन चौक व स्थानों की निगरानी की जा रही है। निगरानी में देखा जा रहा है कि हादसों को मुख्य कारण क्या है। हाईवे या एक्सप्रेसवे पर काफी हादसे एकदम से लेन बदलने से होते हैैं। हाईवे पर गलत लेन में चलने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है ताकि हादसों में कमी लाई जा सके।
- सत्यपाल यादव, एसीपी (यातायात मुख्यालय/हाईवे), गुरुग्राम।