फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: अचानक कम हुई ठंड गेहूं के लिए हो सकती है नुकसानदायक

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 1.64 लाख एकड़ में हो रही है गेहूं की फसल, सरसो की फसल पर नहीं पड़ेगा खास प्रभाव समय हो चुका है पूरा
विज्ञापन

-22-23 जनवरी को बारिश होने से मिल सकती है राहत
मोहित शुक्ला
नूंह। दिल्ली एनसीआर व आस-पास के इलाकों में अचानक ठंड में कमी आने से लोगों को राहत मिली है, लेकिन फसलों के लिए यह तापमान नुकसानदायक साबित हो सकता है। जिले में 1.64 लाख एकड़ में गेहूं की फसल और 75,300 एकड़ में सरसों की बुआई की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार सरसों की फसल पर खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि उसका समय लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन गेहूं की फसल को काफी नुकसान होने की संभावना है, गेहूं के पौधे काफी छोटे हैं जो ठंडे मौसम में ही पनपते हैं। जिले में अभी तापमान 17-18 डिग्री सेल्सियस के आस-पास जा रहा है जो चिंता का विषय है।


जिले के ज्यादातर आबादी आज भी कृषि पर निर्भर रहती हैं। यहां लोगों की आय का मुख्य स्रोत कृषि और उससे जुड़े कार्य ही है। लाखों की संख्या में किसान गेहूं व सरसों की बुआई करने के बाद अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन मौसम में अचानक आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि गेहूं के पौधे छोटे होने के कारण उनको पनपने अभी समय है। इनको पनपने के लिए अभी रात में ठंड व दिन में हल्की धूप की आवश्यकता है। तभी पैदावार अच्छी होगी। वहींं, अगर तापमान इसी तरह बढ़ा रहा तो बालियां जल्दी निकल आएंगी, जिनमें दानों की संख्या कम होगी। इस कारण गेहूं की पैदावार में कमी आ सकती है।
विज्ञापन



सरसो की फसल को नहीं होगा ज्यादा नुकसान

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरसो की फसल में पानी का समय पूरा हो चुका है। अगर तापमान में बदलाव आता है तो सरसो की फसल में कोई खास नुकसान नहीं होगा। सरसो की फसल पर कोई खास प्रभाव नहीं होगा।

किसानों के लिए कृषि विभाग की सलाह

कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर अजय सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि गेंहू की फसल के लिए जमीन में नमी बनी रहनी आवश्यक है। किसानों को हर 15 दिन में खेतों में पानी जरूरी देना चाहिए। समय समय पर गेंहू के खेत में जाकर चेक भी करना चाहिए कि जमीन में दरारें ना पड़ें अगर दरार आ रही हैं तो तुरंत फसल को पानी की आवश्यकता है। वहीं गेंहू के साथ होने वाली खरपतवार को हाथों से उखाड़कर खेत में ही छोड़ देना चाहिए यह जमीन में नमी बनाए रखने में सहायक होती हैं।

22-23 जनवरी को बारिश होने की उम्मीद

मौसम विभाग के अनसुार 22 व 23 जनवरी को हल्की बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। अगर बारिश हो जाती है तो गेंहू के फसल के लिए फायदेमंद साबित होगा। बारिश के बाद भी अगर तापमान में कमी नहीं आई तो फसल प्रभावित हो सकती है।

22 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं होना चाहिए तापमान

गेंहू की फसल के लिए तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं जाना चाहिए। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी के माह में तापमान 18-19 डिग्री सेल्सियस रहना चाहिए जो अभी 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है।

तापमान में बढ़ोतरी होने पर गेंहू की फसल का ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस तापमान से गेंहू की फसल पर क्या प्रभाव आएगा इसका सही अनुमान फसल कटाई प्रयोग के समय पता चल पाएगा
विज्ञापन

- अजय सिंह तोमर, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर

अगर तापमान में गिरावट नहीं आती है तो गेंहू की बालिया निकलनी शुरू हो जाएंगी इससे गेंहू का दाना प्रभावित हो सकता है।
- विरेंद्र, कृषि उपनिदेशक

22 व 23 जनवरी को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में भी कुछ गिरावट आ सकती है। अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो फसल प्रभावित हो सकती है।
- डॉक्टर मनजीत, मौसम विभाग

फोटो- मेवात में लगी गेंहू की फसल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें