पूरे देश में 100 करोड़ की ठगी में शामिल पाए गए साइबर ठग सिर्फ 8वीं से 10वीं तक ही पढ़े हैं। कम पढ़े लिखे होने के बावजूद ये साइबर अपराधी अच्छे पढे़ लिखे लोगों को भी झांसे में लेकर ठगी कर लेते थे। यह अपने आप में चौंकाने वाला तथ्य है। पकड़े गए आरोपी नई उम्र के हैं। इन सभी ने ठगी के माध्यम से कमाया हुआ पैसा अधिकांश अपने ऊपर खर्च किया है। कुछ ने मकान भी बना लिए हैं जबकि कुछ वाहन खरीदने पर खर्च कर चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला का कहना है कि अभी ऐसे काफी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचे हुए हैं, लेकिन यह लोग अभी भी पुलिस के रडार पर हैं। इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से इनके पीछे लगी हुई है। अभी इन आरोपियों को पूछताछ के लिए दूसरे राज्यों की पुलिस भी लेगी।
तीन आरोपी सीएससी वाले भी गिरफ्तार
गांवों में ग्रामीणों को कई प्रकार की सुविधाएं देने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) वाले भी साइबर ठगी की चपेट में आए हैं। सीएससी चलाने वाले ऐसे तीन लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें पुन्हाना के नई गांव में सीएससी चलाने वाले दो आरोपी मोहम्मद अब्बास व तजामुल के अलावा तिरवाड़ा गांव का मुकेश शामिल है। उक्त आरोपी साइबर ठगों से लेनदेन में अधिक कमीशन लिया करते थे और इनको पैसा निकालकर देते थे। यह खेल पिछले करीब दो से तीन साल से चल रहा था।
आकर्षक ऑफर देकर फंसाते थे लोगों को
यह महाठग फेसबुक व ओएलएक्स आदि पर बाइक, कार, मोबाइल फोन इत्यादि जैसे उत्पादों पर आकर्षक ऑफर का लालच देकर ठगी की घटना को अंजाम देते थे। पीड़ित दिए गए मोबाइल नंबर पर जालसाज को कॉल करता और जालसाज कूरियर शुल्क, उत्पाद के परिवहन आदि के बहाने पीड़ित को धोखा देता लेकिन उत्पाद कभी डिलीवर नहीं होता था। यह जालसाज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुख्य रूप से नटराज पेंसिल की पैकेजिंग से संबंधित वर्क फ्रॉम होम का विज्ञापन पोस्ट करते थे, प्रति माह 30 हजार रुपये की कमाई का वादा करके पंजीकरण शुल्क, पैकिंग सामग्री, कूरियर शुल्क आदि के बहाने लोगों को ठगते थे। इसके अलावा यह साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक प्रोफाइल बनाकर सेक्सटॉर्शन के माध्यम से पीडि़तों को ठगते थे। पीड़ितों को वीडियो चैट पर आने का लालच देते, जहां वे पीड़ितों की आपत्तिजनक स्थिति में स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते थे। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करके उनसे बड़ी रकम वसूलते थे।