बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा फ्लाईओवर, आठ लोगों की तीन टीमें जांच में जुटीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है, जिससे दुघर्टना का भय बना रहता है। फ्लाईओवर में क्या खामियां हैं, इसकी जांच के के लिए सर्वे किया जा रहा है।
एनएचएआई द्वारा सर्वे करते हुए तीन दिन हो गए हैं। सर्वे के लिए आठ लोगों की तीन टीमें जांच में जुटी हुई हैं। फ्लाईओवर से कोर कटिंग कर छह जगह से जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। फ्लाईओवर का सर्वे एक सप्ताह तक चलेगा। उसके बाद लगभग दो से तीन माह बाद इसकी रिपोर्ट आएगी। एनएचएआई द्वारा फ्लाई ओवर की जांच का कार्य सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट टेस्टिंग एजेंसी को दिया गया है। सीएसआईआर की विनीता ने बताया कि फ्लाईओवर की स्ट्रक्चरली जांच की जा रही है। अभी जांच की जा रही है कि इसका स्ट्रक्चर ठीक है या नहीं, इसकी कंडीशन क्या है। फ्लाईओवर की मानक रीडिंग ली जा रही है, इसका डाटा एकत्रित कर रहे हैं। स्लैब में कुछ टूटे हैं। कोर कटिंग की जा रही है, छह जगह से सैंपल ले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी सर्वे करने के लिए एक सप्ताह लग जाएगा। फ्लाई ओवर की जांच करने के लिए तीन जगह टीम लगी हुई है। सर्वे के दौरान एनएचएआई की टीम से साइट इंजीनियर राकेश मीना, प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव, इंसीडेंट मैनेजर हरीश कुमार, सिविल इंजीनियर पवन मौजूद रहे।
वर्ष 2018 में 200 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेस वे पर हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर जयपुर से दिल्ली की ओर जाते समय 28 मई को टूटा था। उसके बाद इसी तरफ दो जनवरी को फ्लाईओवर की हाई स्पीड लेन में एक और लगभग तीन फुट लंबा तथा दो फुट चौड़ा फ्लाईओवर टूट गया है। यह फ्लाईओवर कई बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। ज्ञात हो कि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर हीरो होंडा फ्लाई ओवर के निर्माण में घटिया सामग्री लगाए जाने को लेकर निर्माण करने वाली वेल्चा कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत चार लोगों को गत वर्ष गिरफ्तार भी कर लिया गया था। बीते वर्ष 28 मई को यह फ्लाई ओवर ऊपर से नहीं बल्कि नीचे से क्षतिग्रस्त हुआ था, अब यह फ्लाईओवर ऊपर से क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसके सरिये दिखाई देने लगे हैं। किसी भी अनहोनी को देखते हुए फ्लाई ओवर की एक लेन को बंद कर दिया गया है।
वर्जन..
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आकाश पांथी ने बताया कि एजेंसी सर्वे कर रही है। सर्वे में फ्लाईओवर से सैंपल लिए जाएंगे। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद ही फैसला लिया जाएगा कि फ्लाई ओवर को तोड़ा जाएगा या रिपेयर किया जाएगा।