-सीएंडडी वेस्ट के लिए बनेंगे 20 कलेक्शन सेंटर, ओवरलोड कचरा ढोने वाले वाहनों पर भी होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलेशन (सीएंडडी) वेस्ट और कचरे की अवैध डंपिंग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने कड़ा रुख अपनाया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मार्ग पर कचरा या मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 24 घंटे विशेष टीमें तैनात रहकर क्षेत्र की निगरानी करेंगी और अवैध डंपिंग में लिप्त वाहनों को जब्त कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, डंपिंग में प्रयुक्त वाहनों को जब्त करने के बाद छोड़ा नहीं जाएगा।
शुक्रवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर किसी भी स्थिति में कचरे व मलबे की अवैध डंपिंग न होने पाए। उन्होंने कहा कि राउंड-द-क्लॉक निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मौके पर ही कार्रवाई कर अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
सीएंडडी वेस्ट के लिए 20 कलेक्शन सेंटर बनाने का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहर में सीएंडडी वेस्ट के समुचित निपटान के लिए 20 कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने यहां से निकलने वाले निर्माण सीएंडडी वेस्ट को नजदीकी कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाएं, ताकि सड़कों और खुले स्थानों पर मलबा न फेंका जाए।
ओवरलोड कचरा ढोने पर रोक
निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि सेकेंडरी कचरा कलेक्शन प्वाइंट से बंधवाड़ी लैंडफिल तक जाने वाले वाहनों में कचरा सही तरीके से भरा और पूरी तरह कवर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों पर कचरा बिखरता है, जिससे गंदगी फैलती है। संबंधित वरिष्ठ सफाई निरीक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि किसी भी वाहन में ओवरलोडिंग न हो। साथ ही खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने के अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान में बाधा डालने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अतिक्रमण विरोधी अभियान और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
निगमायुक्त ने सड़कों, फुटपाथों, मेट्रो स्टेशनों और बस क्यू शेल्टरों को अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह संयुक्त आयुक्तों के नेतृत्व में बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाएंगे और जीरो टोलरेंस नीति के तहत सड़कों, फुटपाथों और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।