कई बार सड़क पर लड़ाई के कारण राहगीर हो जाते हैं घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। शहर में लावारिस पशुओं की समस्या अब खतरनाक होती जा रही है। नगर निगम इसे ठीक से संभाल नहीं पा रहा है, जिसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। दिन हो या रात, ये पशु झुंड बनाकर सड़कों के बीच खड़े रहते हैं। कई बार ये आपस में लड़ते हैं और आसपास के लोग घायल हो जाते हैं। यह लावारिस पशु कूड़े में खाना ढूंढते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
नगर निगम के अधिकारी कहते हैं कि वे समय-समय पर इन पशुओं को पकड़ने के अभियान चलाते हैं लेकिन इसका सही असर नहीं दिख रहा। सवाल यह है कि अगर ये अभियान ठीक से चलाए जाएं तो लावारिस पशुओं की संख्या कम हो सकती है। अभी ऐसा लगता है कि नगर निगम सिर्फ औपचारिकता निभा रही है। शहर की कई मुख्य सड़कों पर दिन रात यह पशु घूमते रहते हैं। मानेसर के आईएमटी चौक पर निराश्रित पशुओं के चलते यातायात प्रभावित व हादसे का खतरा बन रहा है।
यहां रहता है बेसहारा पशुओं का जमावड़ा
नगर निगम क्षेत्र के इन इलाकों में रहता है बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित मानेसर, रामपुरा, नौरंगपुर, सेक्टर-82, 85, 83 व 92, आईएमटी चौक, बास कुशला रोड, आईएमटी सेक्टर-1 आईएमटी सेक्टर-3 व अन्य इलाकों में पशुओं का जमावड़ा रहता है।
सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की वजह से पूरे दिन हादसे का खतरा बना रहता है। सर्दी खत्म होने के बाद भी नगर निगम ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ये पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटना का डर बना रहता है। -एडवोकेट विनोद चौहान
इस समस्या को लेकर नगर निगम मानेसर से कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रात के समय सड़कों पर लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। - सुनील पवार, अध्यक्ष मानेसर अपार्टमेंट सोसाइटीज।
निराश्रित पशुओं के लिए हयातपुर, नौरंगपुर और अन्य वार्डों में जमीन ढूंढ़ी जा रही है। इसके लिए पार्षदों से भी बात चल रही है। जैसे ही जमीन मिल जाएगी, सभी इलाकों से पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेज दिया जाएगा। - हितेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम मानेसर