एंटी करप्शन ब्यूरो ने 28 नवंबर 2022 को दर्ज की थी प्राथमिकी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के एससीओ घोटाले में जिला अदालत ने स्टेट्स रिपोर्ट तलब की है। मामले में जिला अदालत में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गौतम की कोर्ट ने 3 सितंबर तक स्टेट्स रिपोर्ट फाइल करने को कहा है। इसके साथ ही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को बगैर किसी देरी के मामले की जांच पूरी करने को कोर्ट ने कहा है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस में 28 नवंबर 2022 को साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी व भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। मामले में विजिलेंस ने 10 मई 2019 को एक शिकायत पर जांच शुरू की। इसमें आरोप था कि एक कंपनी सेक्टर-23 में कुछ एससीओ की नीलामी हुई थी। इनमें दो एससीओ दिल्ली की एक कंपनी ने बोली लगाकर हासिल किए। समय पर रुपये जमा न होने पर हूडा ने 10 अप्रैल 1998 को अलॉटमेंट कैंसिल कर दी। अलॉटमेंट कैंसिल होने के बावजूद इन दोनों एससीओ को 21 अप्रैल 2010 को कंपनी ने दिल्ली के नारायणा निवासी व्यक्ति के नाम जीपीए अटेली महेंद्रगढ़ में करा दी। फिर उस व्यक्ति ने जीपीए के आधार पर ये अलॉटमेंट बहाल करने के लिए हाईकोर्ट में केस दायर किया। हूडा मुख्य प्रशासक ऑफिस से ये पत्र गुड़गांव हूडा प्रशासक व ईओ-1 को जारी कर उचित कार्रवाई के लिए लिखा गया। तत्कालीन ईओ-1 ने भी दोनों एससीओ के अलॉटमेंट लैटर जून 2018 में जारी कर दिए। 21 साल बाद भी ये दोनों एससीओ 1997 की कीमत पर ही अलॉट कर दिए गए। फर्जीवाड़े का पता चलने पर ये अलॉटमेंट अगस्त 2018 में खारिज कर दी गई। बाद में विजिलेंस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।