नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने किया परियोजना का उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बच्चों की सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम के कादीपुर में शनिवार को हरियाणा का पहला ‘सेफ स्कूल जोन’ शुरू किया गया। यह पहल सरकारी स्कूल के आसपास सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस परियोजना का उद्घाटन नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी एवं बादशाहपुर के एसडीएम संजीव सिंगला भी मौजूद रहे। अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि इस पहल के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और पर्यावरण संरक्षण तीनों पहलुओं को साथ लेकर काम किया जा रहा है। जिस सड़क पर बच्चे और बुजुर्ग निश्चिंत होकर चल सकें, वही सड़क वास्तव में सभी के लिए सुरक्षित होती है। कादीपुर में शुरू हुआ सेफ स्कूल जोन प्रदेश में एक नई शुरुआत है और आने वाले समय में इसे अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने आमजन से इस मुहिम में भागीदार बनने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से ही एक सुरक्षित और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।
संजीव सिंगला ने कहा कि सेफ स्कूल जोन जैसी पहल समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल स्कूल के आसपास के माहौल को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि अभिभावकों में भी विश्वास पैदा करते हैं। प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही इस पहल को सफल बनाया जा सकता है, ताकि हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सके।
देश में हर दिन औसतन 42 बच्चों की सड़क हादसों में होती है मौत
‘राहगीरी फाउंडेशन’ द्वारा गुरुग्राम विजन जीरो कार्यक्रम के तहत इस परियोजना को नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के सहयोग से लागू किया गया है। इस पहल को हीरो मोटोकॉर्प, नगरो और ह्यूजेस सिस्टिक जैसी संस्थाओं का भी सहयोग मिला है। जानकारी के अनुसार, देश में हर दिन औसतन 42 बच्चों की सड़क हादसों में मौत होती है। कादीपुर के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में किए गए सर्वे में पाया गया कि करीब 80 प्रतिशत बच्चे पैदल स्कूल आते हैं। पहले उन्हें बिना फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसिंग या किसी चेतावनी संकेत के व्यस्त सड़क से गुजरना पड़ता था। अब इस सेफ स्कूल जोन के तहत सड़क को पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है। यहां बच्चों के लिए सुरक्षित फुटपाथ, ऊंचे और स्पष्ट पैदल पारपथ (ज़ेब्रा क्रॉसिंग), 25 किमी/घंटा की गति सीमा, प्रतीक्षा क्षेत्र और जागरूकता बढ़ाने के लिए दीवारों पर आकर्षक चित्र बनाए गए हैं।