ग्राम पंचायत खोरी खुर्द में भ्रष्टाचार की जांच पर उठाए थे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खोरी खुर्द में विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव के निवासी महेंद्र सिंह पुत्र रघुबीर सिंह ने पंचायत के विकास कार्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जुलाई 2024 को मांगी थी। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं मिला। उन्होंने मामला राज्य सूचना आयोग हरियाणा पंचकूला में दायर किया। राज्य सूचना आयोग ने अपील में ग्राम पंचायत खोरी खुर्द, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी तावडू और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नूंह को नोटिस जारी कर 19 दिसंबर को पंचकूला स्थित आयोग के नए बेंच में पेश होने के आदेश दिए हैं। सूचना आयोग के नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं तो मामला उनकी अनुपस्थिति में एकतरफा सुना और निपटाया जा सकता है।
महेंद्र सिंह ने अपनी आरटीआई में जनवरी 2023 से जुलाई 2024 के बीच पंचायत द्वारा किए गए विकास कार्यों, खर्च की गई राशि, मनरेगा योजना, टेंडर प्रक्रियाओं, सीमेंट खरीद, स्ट्रीट लाइट लगाने, बोरवेल निर्माण, वाटर सप्लाई चैंबर तोड़े जाने, और पंचायत खातों के बैंक स्टेटमेंट सहित 15 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। उन्होंने यह भी पूछा था कि पंचायत को पट्टों से कितनी राशि प्राप्त हुई, यह राशि कहां खर्च हुई, किन फर्मों को कार्य दिए गए और क्या उन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं। ग्राम पंचायत खोरी खुर्द और संबंधित ब्लॉक पंचायत अधिकारी तावडू की ओर से उन्हें निर्धारित समयावधि में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर महेंद्र सिंह ने पहली अपील जिला पंचायत अधिकारी नूंह के समक्ष की थी, परंतु वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर भारी गबन और भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना है कि सूचना न देने का मुख्य कारण भ्रष्टाचार को छुपाना है। उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ सच्चाई जानने के लिए जानकारी मांगी थी, लेकिन पंचायत और अधिकारी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सूचना देने से बच रहे हैं। अब इंतजार 19 दिसंबर को होने वाली सुनवाई का है।