राज्य स्तर पर खेल चुकीं बेटियां अब जिले के लिए जीतना चाहती हैं खिताब
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में चल रहे खेल महाकुंभ में 22 जिलों से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। राज्य स्तर पर पहले ही हरियाणा का नाम रोशन कर चुकी ये बेटियां अब अपने जिले के लिए खिताब जीतने व इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। इन खिलाड़ियों ने पहले ही साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होतीं। अब खेल महाकुंभ में इनके बल्ले और गेंद से वही जुनून और जज्बा झलक रहा है, जो इन्हें भविष्य का बड़ा सितारा बना सकता है।
मैंने 13 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था। जसप्रीत बुमराह मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। उन्हें देखकर मैंने गेंदबाजी शुरू की थी। मैंने मेरे घर की छत पर अपने भाई के साथ खेलना शुरू किया था। इसके बाद पापा ने मुझे भी भाई के साथ अकादमी भेजना शुरू कर दिया। हरियाणा के लिए खेलना मेरा पहला सपना था।
- तन्नू, क्रिकेट खिलाड़ी
मेरे पापा और भाई दोेनों क्रिकेट खेलते हैं। पापा चाहते थे कि मैं भी क्रिकेट खेलूं। जब पिछले साल हरियाणा की टीम में चयन हुआ तो मेरे परिवार वाले बहुत खुश थे। खेल महाकुंभ से हमारी अच्छी अभ्यास हो जाती है। - इशाना, क्रिकेट खिलाड़ी
मुझे बचपन से ही क्रिकेट खेलना पसंद था। मैं पहले अपने मोहल्ले में खेला करती थी और लोगों के घरों के शीशे तोड़ा करती थी। इसके बाद मेरे पापा ने मेरा नाम क्रिकेट अकादमी में लिखवा दिया। मैंने 12 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था और मैं अभी तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हूं। - टीना, क्रिकेट खिलाड़ी
मैं पिछले दो सालों से हरियाणा की टीम में खेल रही हूं। मैंने 13 साल की उम्र से खेलना शुरू किया था। मुझे क्रिकेट बहुत पसंद है। मैं इंडियन टीम में खेलना चाहती हूं। स्मृति मंधाना मेरी पसंदीदा खिलाड़ी हैं। - कोमल, क्रिकेट खिलाड़ी