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Gurugram News: अब तेज रफ्तार वाहन नहीं बचेंगे, कैमरों से होगा ओवरस्पीडिंग का ई-चालान

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शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे। फाइल
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चार प्रमुख सड़कों पर लगाए जा रहे 29 स्पीड रडार कैमरे
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नंबर गेम - 04 प्रमुख सड़कों पर लगेंगे

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम की प्रमुख सड़कों पर अब वाहन चालक तेज गति से वाहन नहीं चला सकेंगे। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) चार प्रमुख सड़कों पर आईटीएमएस तकनीक से लैस करीब 365 कैमरे लगवा रहा है। इनमें 29 स्पीड उल्लंघन डिटेक्शन सिस्टम (एसवीडीएस) वाले कैमरे भी शामिल हैं। इनकी मदद से तय गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाने वालों का स्वत: ई-चालान किया जा सकेगा।
जीएमडीए के अनुसार मारुति सुजुकी के साथ सीएसआर के तहत गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, ओल्ड दिल्ली रोड, एमजी रोड और साइबर सिटी से गोल्फ कोर्स रोड तक 23 प्रमुख जंक्शनों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें 365 सीसीटीवी कैमरों में 29 स्पीड उल्लंघन डिटेक्शन कैमरे (स्पीड रडार) शामिल हैं। परियोजना का उद्देश्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई में मैनुअल हस्तक्षेप कम करना और ऑटोमेटिक चालान प्रणाली को मजबूत करना है। फिलहाल ओवरस्पीडिंग के चालान यातायात पुलिस की ओर से इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से किए जाते हैं। नए स्पीड रडार कैमरों के शुरू होने के बाद प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति की लगातार निगरानी की जा सकेगी। तय सीमा से अधिक गति पाए जाने पर कैमरे वाहन की पहचान कर ई-चालान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। चारों शहर की प्रमुख सड़कें। जीएमडीए के स्मार्ट सिटी डिवीजन के अनुसार पहले चरण में शहर के 218 जंक्शनों पर करीब 1200 कैमरे लगाए जा चुके हैं। इनमें 750 जनरल सर्विलांस, 308 एएनपीआर, 102 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी), 28 पीटीजेड और 48 फेस रिकॉग्निशन कैमरे शामिल हैं। इन कैमरों की फीड की पुलिस विभाग की ओर से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
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दूसरे चरण में भी लग रहे कैमरे
दूसरे चरण में अलग-अलग स्थानों पर 1406 एएनपीआर, 102 आरएलवीडी, 74 पीटीजेड, 759 जनरल सर्विलांस, 347 फेस रिकॉग्निशन कैमरे और 20 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों को जीएमडीए के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। वहीं, मारु़ति के 365 कैमरों में 29 स्पीड रडार वाले हैं। आईटीएमएस के तहत रेड लाइट उल्लंघन डिटेक्शन सिस्टम (आरएलवीडीएस), स्पीड उल्लंघन डिटेक्शन सिस्टम (एसवीडीएस), स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर), हेलमेट डिटेक्शन और गलत साइड ड्राइविंग डिटेक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। जीएमडीए के हेड स्मार्ट सिटी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि कैमरों की मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन स्वत: चिन्हित कर ऑटोमेटिक चालान की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। इससे मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा।
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हफ्ते भर में लगा 2.72 करोड़ रुपये का जुर्माना
गुरुग्राम। यातायात नियमों की पालना में शहर के लोग जागरूक नहीं हो रहे है। यातायात पुलिस ने एक हफ्ते में यातायात नियमों की अवहेलना करने पर 40,446 चालकों पर 2.72 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई यातायात पुलिस की तरफ से 21 से 29 सितंबर के बीच में की है। इस दौरान यातायात पुलिस कर्मियों ने 14,973 चालान किए और कैमरे के माध्यम से 25,473 चालान किए गए। इससे पहले वाले हफ्ते में यातायात पुलिस ने चालकों पर 3.19 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। पुलिस उपायुक्त यातायात प्रतीक गहलोत ने बताया कि इस दौरान कैमरे के माध्यम से लेन चेंज के 14,587, नो एंट्री 7,710, तेज गति में वाहन चलाने पर 626,दोपहिया वाहन बिना हेलमेट के चलाने पर 176 व दूसरी सवारी द्वारा हेलमेट न लगाने पर 307, दोपहिया वाहन पर तीन व्यक्ति बैठने पर 166, बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने पर 724 आदि चालान किए गए। संवाद
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