गुरुग्राम। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शक्ति ओम पाठक ने कहा कि मिट्टी की जांच किसानों के लिए बहुत जरूरी है। इससे खेत में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है और किसान जरूरत के अनुसार खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे फसल अच्छी होती है और खर्च भी कम होता है।
एसजीटी यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. शक्ति सिंह पाठक ने बताया कि लगातार एक ही फसल उगाने और खाद के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी की ताकत कम हो रही है। मृदा परीक्षण से नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और अन्य जरूरी तत्वों की जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि मिट्टी का नमूना लेते समय खेत को बराबर हिस्सों में बांटकर जिग-जैग तरीके से 8 से 10 जगहों से मिट्टी लेनी चाहिए। पेड़ों के नीचे, मेड़ के पास या पानी भरे स्थानों से नमूना नहीं लेना चाहिए।