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पेट्रोल-डीजल की तस्करी, 31 को रिफाइनरी से नहीं होगी खरीद

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गुरुग्राम। पंजाब से 4, चंडीगढ़ से 6 और हिमाचल प्रदेश से 10 रुपये वैट अधिक होने के कारण हरियाणा में डीजल-पेट्रोल की तस्करी हो रही है। बड़ी संख्या में वाहन चालक उक्त स्थानों से ईंधन भरा रहे हैं, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री में सेंध लग रही है। इससे राज्य सरकार और डीलर दोनों को नुकसान हो रहा है। इस पर ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने शनिवार को सिविल लाइंस स्थित होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि अगर सरकार पड़ोसी राज्यों की तुलना में वैट बराबर कर दे तो इस पर रोक लग सकती है। सरकार दिल्ली का हवाला देकर शराब का रेट कम कर सकती है तो फिर पेट्रोलियम पदार्थों में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है। एसोसिएशन ने इसकी उक्त मांग उठाई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी इससे अवगत कराया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे दोनों तरल ईंधन के दाम कम होंगे और बिक्री बढ़ने से सरकार का राजस्व बढ़ेगा।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि डीलर को पेट्रोल में तीन और डीजल में लगभग दो रुपये प्रति लीटर का कमीशन मिलता है। आखिरी बार वर्ष 2017 में डीलर्स का कमीशन तय हुआ था। पांच साल गुजर गए, कमीशन नहीं बढ़ने से पंप कर्मियों की तनख्वाह नहीं बढ़ पा रही है। नियमानुसार हर छह महीने में इसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए।
अचानक एक्साइज ड्यूटी कम होने से एक पंप संचालक को औसतन पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हरियाणा में 4 हजार, जबकि गुरुग्राम में तकरीबन 150 पंप हैं। इसके विरोध में आगामी 31 मई को पंप संचालक रिफाइनरी से पेट्रोलियम की आपूर्ति नहीं लेंगे। ग्राहकों को कोई परेशानी न हो इसके लिए पहले से ही स्टॉक रखा जाएगा। इस मौके पर मनीष यादव, एमसी गुप्ता, अशोक जैन, नकुल अग्रवाल, राकेश जैन आदि मौजूद रहे।
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डीलर को सभी टैक्स के भुगतान पर ही मिलती है आपूर्ति
गुरुग्राम। जुलाई 2015 में पेट्रोल में 17.46 और डीजल में 10.26 रुपये एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई थी। जुलाई 2021 तक पेट्रोल में 32.90 रुपये और डीजल में 31.80 रुपये की एक्साइज ड्यूटी बढ़ी। इसके बाद नवंबर 2021 और मई 2022 में एक्साइज ड्यूटी में 15 से 20 रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई। डीलरों का कहना है कि जब एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई तो उसको बिक्री मूल्य में नहीं जोड़ा गया। इससे उलट जब ड्यूटी घटाई गई तो उसको बिक्री मूल्य से घटा दिया गया, जिससे उनको बड़ा नुकसान हुआ है। टैक्स की बढ़ोतरी या कमी को मूल्य से अलग रखा जाए, क्योंकि डीलर को सभी टैक्स भुगतान करने पर ही आपूर्ति मिलती है।
टैक्स-कमीशन हटा दें तो सीएनजी से सस्ता पड़ेंगे पेट्रोल और डीजल
गुरुग्राम। पेट्रोल और डीजल से टैक्स और कमीशन हटा दिया जाए तो ये सीएनजी और पीएनजी से भी सस्ता हो जाएंगे। हरियाणा के पड़ोसी राज्यों ने इसी कारण वैट कम रखा है। वर्तमान में एक किलो सीएनजी लगभग 83.06 और एक घनमीटर पीएनजी 63.78 रुपये में है। टैक्स और कमीशन रहित पेट्रोल 51 रुपये और डीजल 63.85 रुपये का पड़ रहा है।
1- पेट्रोल पर 18.2 प्रतिशत वैट, 5 फीसदी सरचार्ज और 19.90 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लागू है। इस तरह से एक लीटर पेट्रोल पर लगभग 42.92 रुपये टैक्स है। तीन रुपये प्रति लीटर का डीलर कमीशन मिला दें तो 46 रुपये केवल टैक्स और कमीशन के हैं। वर्तमान में पेट्रोल 97.18 रुपये प्रति लीटर है। टैक्स और कमीशन हटा दें तो एक लीटर की कीमत लगभग 51 रुपये होगी।
2- डीजल पर 16 प्रतिशत वैट, 5 फीसदी सरचार्ज और 15.80 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी है। इस तरह से एक लीटर डीजल पर लगभग 36.80 रुपये का टैक्स है। दो रुपये प्रति लीटर का डीलर कमीशन मिला दें तो तो 38.80 रुपये केवल टैक्स और कमीशन के हैं। वर्तमान में डीजल 90.05 रुपये प्रति लीटर है। टैक्स और कमीशन हटा दें तो इसकी कीमत लगभग 63.85 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी, जो सीएनजी से भी सस्ता होगा।
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