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Gurugram News: स्मार्ट मीटर से बदलेगी पानी की बिलिंग व्यवस्था, रीडिंग से भुगतान तक होगा डिजिटल

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नगर निगम तैयार कर रहा पायलट प्रोजेक्ट, बिजली के स्मार्ट मीटर की तर्ज पर होगी व्यवस्था
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- मीटर में लगी सिम से निगम के पोर्टल पर पहुंचेगी पानी की खपत की रीडिंग
- रीडिंग के आधार पर ऑटोमैटिक जनरेट होगा बिल, मोबाइल और ई-मेल पर मिलेगी जानकारी

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम क्षेत्र में पानी की बिलिंग व्यवस्था को डिजिटल करने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम प्रशासन पानी के कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर काम कर रहा है। शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट से की जाएगी। योजना लागू होने के बाद बिजली के स्मार्ट मीटर की तरह पानी के स्मार्ट मीटर में लगी सिम के माध्यम से पानी की खपत की रीडिंग सीधे निगम के पोर्टल पर पहुंचेगी। इससे मीटर रीडिंग लेने के लिए कर्मचारियों को घर-घर जाने की जरूरत कम होगी।
वर्तमान में पानी के कनेक्शनों की रीडिंग मैनुअल तरीके से ली जाती है। निगम कर्मचारी उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग लेकर उसे पोर्टल पर दर्ज करता है। इसके बाद पानी का बिल तैयार होता है। स्मार्ट मीटर की व्यवस्था लागू होने पर रीडिंग अपने आप पोर्टल पर अपलोड होगी और उसी के आधार पर बिल जनरेट किया जा सकेगा।
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मोबाइल और ई-मेल पर आएगा बिल

नई व्यवस्था में बिल तैयार होने के बाद उपभोक्ता को इसकी जानकारी मोबाइल और ई-मेल पर उपलब्ध कराने की योजना है। उपभोक्ता यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से बिल का भुगतान कर सकेंगे। इससे पानी के बिल के भुगतान की प्रक्रिया भी अधिक डिजिटल हो जाएगी।

बड़ी संख्या में कनेक्शनों के बीच चुनौती

नगर निगम क्षेत्र में पानी के स्थायी कनेक्शनों की संख्या करीब एक लाख 90 हजार है। इसके अलावा डेढ़ लाख से अधिक अवैध कनेक्शन होने का अनुमान है। शहर में करीब 7.50 लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर करीब साढ़े तीन लाख पानी के कनेक्शन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में स्मार्ट मीटर की योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी है।

पानी से निगम को हर साल 25 करोड़ से अधिक का राजस्व

नगर निगम को पानी के बिल से हर साल 25 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है। निगम के अनुसार वर्ष 2025-26 में करीब दो लाख उपभोक्ताओं से लगभग 25 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। स्मार्ट मीटर लगने के बाद पानी की वास्तविक खपत का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध होने और बिलिंग प्रक्रिया के ऑटोमेशन से राजस्व व्यवस्था की निगरानी भी आसान हो सकेगी।
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नगर निगम क्षेत्र में पानी के स्मार्ट मीटर लगाने की योजना काम चल रहा है। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट से करने की योजना है। पहले नगर निगम में आने वाले गांव में इसका प्रयोग किया जाएगा। - प्रदीप दहिया, आयुक्त नगर निगम गुरुग्राम।
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