भूमिगत केबल में फॉल्ट की पहचान में घंटों लग रहे, प्रशिक्षित स्टाफ न होने से गायब रहती है बिजली
आधा काम छोड़कर भागी कंपनी को किया जा चुका ब्लैकलिस्ट, निगम के कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में 24 घंटे निर्बाध बिजली की सुविधा के लिए बिजली व्यवस्था को स्मार्ट बनाया गया। मगर अधूरे कार्य और मेंटेनेंस के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नहीं होने के कारण स्मार्ट ग्रिड के सिस्टम में गड़बड़ी आने की स्थिति में व्यवस्था पटरी पर आने में लंबा समय लग रहा है। खास तौर पर बारिश के दिनों यह समस्या ज्यादा आ रही है।
स्मार्ट ग्रिड का सिस्टम लगाने वाली एक कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। जिसने लगभग आधे शहर में अंडरग्राउंड केबल और रिंगमैन आदि का सिस्टम लगाया है। जिस कंपनी ने सिस्टम लगाया, उनके कर्मियों पर देखरेख की जिम्मेदारी थी मगर काम पूरा नहीं होने के कारण कंपनी ब्लैक लिस्टेड है। अब जब कोई गड़बड़ी आती है तो स्थानीय बिजलीकर्मी उसे ठीक से समझ नहीं पाते किसी दुर्घटना के डर से वे सावधानी बरतते हैं और बेहतर तकनीकी जानकारी नहीं होने के कारण मरम्मत कार्य में देरी होती है।
अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट की स्थिति दूसरी लाइन से बिजली को जोड़ने के लिए रिंगमैन यूनिट बॉक्स लगाए गए हैं मगर स्मार्ट सिस्टम के तहत जो यूनिट ऑटोमेटिक होना चाहिए था, उसके तार बाहर निकालकर देसी जुगाड़ से जोड़ा गया है ताकि बिजली की आपूर्ति बाधित नहीं हो।
0000 खुले पड़े बॉक्स, नमी से फॉल्ट ज्यादा
रिंगमैन सिस्टम का जो बॉक्स बंद होना चाहिए, वह कई जगह खुला हुआ है क्योंकि उसकी मरम्मत का कार्य उसके विशेषज्ञ ने नहीं किया। स्थानीय कर्मियों के अनुसार बरसात में नमी आने पर फॅाल्ट ढूंढना भी मुश्किल हो जाता है। कायदे से स्मार्ट ग्रिड के साथ-साथ इसकी मॉनिटरिंग के लिए स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजीशन) सेंटर बन जाना चाहिए था मगर स्काडा के लिए अभी तक केवल टेंडर हुए हैं। इससे स्मार्ट ग्रिड का मैनुअल सिस्टम हट जाएगा। कंप्यूटर से स्थानीय लाइनमैन को फॉल्ट की जानकारी तुरंत पहुंचेगी साथ ही फॉल्ट की पूरी संरचना लाइनमैन के पास होगी। अभी स्मार्ट ग्रिड के तहत 11 केवी की लाइन को अंडरग्राउंड करने का सेक्टर एक से 57 के बीच का काम पूरा नहीं हुआ है। करीब 25 प्रतिशत हिस्से में अंडरग्राउंड केबल बिछाया नहीं जा सका है। बिजली निगम के सोहना और कादीपुर सबडिविजन में अंडरग्राउंड केबल का कार्य अधूरा है।
वर्जन
- केवल स्मार्ट सिस्टम की समस्या नहीं है। बिजली निगम ने बिल दोगुना कर दिया है। मेरा इस बार 500 यूनिट 7800 रुपये आया है। मरम्मत के नाम पर घंटों बिजली कट रही है। पेड़ों को छंटाई के लिए मैनुअल सिस्टम है। रिंगमैन यूनिट का कोई फायदा नहीं है। फॉल्ट आता है तो घंटों कटौती होती है। - नवीन कुमार, डीएलएफ, फेज टू
- हमारे कर्मियों को भी स्मार्ट ग्रिड के काम की ट्रेनिंग दी गई थी मगर कई बार कुछ पेंचीदा तकनीकी दिक्कतें आ जाती हैं, जो सिस्टम के अच्छे जानकार ही ठीक कर सकते हैं। इसके लिए बाहर से विशेषज्ञ बुलाकर कार्य कराने की व्यवस्था है। स्मार्ट ग्रिड में अभी 20 प्रतिशत काम बचा है, इसके लिए टेंडर किए गए हैं। -वीके अग्रवाल, मुख्य अभियंता, बिजली निगम