भविष्य में पानी की जरूरत को देखते हुए क्षमता बढ़ा रहा है जीएमडीए
छह कंपनियों ने किया है आवेदन, वित्तीय बिड की होनी है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) चंदू बुढेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र में 100 एमएलडी के छठे संयंत्र के निर्माण की योजना को सिरे चढ़ाने में जुट गया है। जीएमडीए ने इस कार्य के लिए टेंडर जारी किया था और छह कंपनियों ने आवेदन किया है।
जीएमडीए के चंदू बुढेरा में 100-100 एमएलडी क्षमता के चार संयंत्र लगे हैं। जीएमडीए 100 एमएलडी के पांचवें संयंत्र पर कार्य कर रहा है और दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। पांचवीं यूनिट की मशीनरी समेत अन्य सामान ठेकेदार ने मंगा लिया है। सिविल वर्क पूरा होने के बाद इस संयंत्र को जल्द चालू किया जा सकता है। चंदू बुढेरा में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और छठी यूनिट लगाने की भी तैयारी कर रहा है।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि 54 करोड़ रुपये की योजना को जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों की फाइनेंशियल बिड खोली जानी है। नया संयंत्र बनने से शहर में पानी की आपूर्ति काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि तीन माह पहले 100 एमएलडी का संयंत्र शुरू होने से शहर के लोगों को राहत मिली है। अब पांचवीं यूनिट पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही छठी पर काम शुरू होगा।
670 एमएलडी पानी उपलब्ध
शहर में चंदू बुढेरा और बसई संयंत्र से पानी की सप्लाई की जा रही है। चंदू बुढेरा स्थित जल शोधन संयंत्र (डब्लूटीपी) यूनिट-4 चालू होने से शहर में कुल जलापूर्ति 570 एमएलडी से बढ़कर 670 एमएलडी हो गई है। जीएमडीए के अनुसार 2031 तक गुरुग्राम में 1170 एमएलडी जलापूर्ति की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित की जा रही है। चंदू बुढेरा संयंत्र पर 65 किलोमीटर के एनसीआर चैनल के माध्यम से पानी पहुंचता है।