संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने मारपीट के मामले में दोषी को छह माह की सजा सुनाई है। जबकि एससी-एसटी एक्ट से बरी कर दिया है।
पीड़ित ने बिलासपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि आरोपी निरंजन सोनी ने 17 सितंबर 2019 को अपने घर पर बुलाया। वहां पर उनकी कहासुनी होने पर उनके साथ निरंजन सोनी ने मारपीट की और जाति सूचक शब्दों को इस्तेमाल किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने एससी -एसटी एक्ट से बरी कर दिया। मारपीट करने के आरोप में दोषी पाते हुए छह महीने की सजा दी है।