रविवार को हुई बारिश के बाद जलमग्न हो गया था शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। शहर में रविवार को हुई मानसून की पहली भारी बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव, सड़कों पर कीचड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। प्री-मानसून तैयारियों में बरती गई घोर लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। यही वजह है कि सोमवार को भी बारिश से फैली लापरवाही को समेटने में प्रशासन जुटा नजर आया।
अपनी लापरवाही को छिपाने और स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर टैंकरों, भारी पंपिंग मशीनों और सफाई कर्मियों को मैदान में उतारकर जलभराव वाले इलाकों को सुखाने की कवायद में जुट गया है। वहीं, सेक्टर-51/57 मास्टर रोड पर नगर निगम की टीमें रोड और ड्रेनेज नेटवर्क की सफाई कर जमा मलबा हटाने में लगी हैं। वहीं, सेक्टर-43 में भी ड्रेनेज इनलेट और नालों की सफाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके।
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जल निकासी व्यवस्था हुई मजबूत
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक बरसाती नाले के नेटवर्क को मजबूत किया है। इसके तहत क्रॉस-ड्रेन कनेक्शन, नई रोड गलियों के निर्माण और ड्रेनेज नेटवर्क के रखरखाव का कार्य पूरा किया गया है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि शहर के व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल इस कॉरिडोर पर वर्षा जल की त्वरित निकासी सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई गई है। सेक्टर-10ए/37-2 मास्टर सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर 600 मिमी व्यास की पाइपलाइन बिछाकर तीन क्रॉस-ड्रेन कनेक्शन बनाए गए हैं। इनसे सतही नालों को मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ा गया है। इससे सड़क पर जमा बारिश का पानी तेजी से मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क तक पहुंच सकेगा। सीईओ ने कहा कि शहर के जलभराव संभावित स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे सभी स्थानों पर जरूरत के अनुसार इंजीनियरिंग सुधार और ड्रेनेज नेटवर्क के नियमित रखरखाव का कार्य जारी रहेगा। ब्यूरो
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जलभराव रोकने में बनें टीम एमसीजी के भागीदार
गुरुग्राम। मानसून के दौरान वर्षा जल की सुचारू निकासी तय करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहरभर में रोड गली ट्रैप (जीटी) की नियमित सफाई की जा रही है। इसके बावजूद कई बार कूड़ा, प्लास्टिक, पॉलीथिन, पत्तियां, मिट्टी या मलबा जमा होने के कारण जल निकासी द्वार अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा होने की समस्या उत्पन्न होती है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों से जीटी को एडॉप्ट करने की अपील की है। नागरिक अपने घर, दुकान या प्रतिष्ठान के आसपास स्थित गली ट्रैप पर नियमित नजर रखें और जल निकासी में छोटा-मोटा अवरोध दिखाई देने पर सुरक्षित तरीके से उसे हटाकर नगर निगम का सहयोग करें। ब्यूरो
नाले की सफाई न होने से बढ़ा जलभराव का खतरा
बादशाहुपर। मानसून आते ही शहर में जलभराव की समस्या फिर गंभीर होती नजर आ रही है। सेक्टर-37डी स्थित रामप्रस्था सिटी के पास से गुजरने वाला बादशाहपुर नाला लंबे समय से सफाई के अभाव से जूझ रहा है। नाले में भारी मात्रा में गाद, प्लास्टिक, निर्माण सामग्री और अन्य कचरा जमा होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है। करीब 28 किलोमीटर लंबा बादशाहपुर नाला गुरुग्राम के प्रमुख बरसाती नाले के नेटवर्क का हिस्सा है जो गुरुग्राम से होते हुए नजफगढ़ झील में जाकर मिलता है। पिछले करीब 10 वर्षों से गुरुग्राम लगातार जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। हर मानसून में कई सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है। संवाद
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गुरुगमन सिटी बसों की परीक्षा शुरू
गुरुग्राम। बारिश का मौसम शुरू होते ही गुरुगमन सिटी बसों में ब्रेकडाउन की समस्या आने लगी है। सोमवार की सुबह करीब 8.30 बजे अग्रसेन चौक पर सिटी बस ब्रेकडाउन होकर खड़ी हो गई थी। बीच चौक पर बस खराब होने के कारण महावीर चौक से रेलवे रोड की तरफ जाने वाहनों को रास्ता नहीं मिल पाया। ऐसे में चौक पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। अग्रसेन चौक पर बस खराब होने के कारण अग्रवाल धर्मशाला चौक से आने वाले वाहन, महावीर चौक से अग्रसेन चौक आने वाहन और रेलवे रोड से अग्रसेन चौक की ओर आने वाले वाहन जाम में फंस गए। पीकआवर में जाम लगने के कारण लोगों को अपने कार्यालयों व नौकरी में जाने में परेशानी हुई। करीब आधे घंटे बाद ही बस को ठीक कराकर चौक से हटाया गया। जीएमसीबीएल के डिपो मैनेजर नरेश कुमार का कहना है कि सिटी बसों के मेंटेनेंस पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ब्रेकडाउन की समस्या न हो। लो फ्लोर होने के कारण वायरिंग व प्लग में पानी भरने से ब्रेकडाउन की समस्या बढ़ जाती है। आगामी बारिश के दौरान सिटी बसों में ज्यादा समस्या न आएंगे, इसको लेकर व्यवस्था की जा रही है। ब्यूरो