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Gurugram News: गलत पत्र जारी करने पर कार्यकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

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जिला शिक्षा अधिकारी का आरोप पत्र पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह । मेवात जिले के कार्यकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। इससे न केवल शिक्षा विभाग पर उंगली उठ रही है बल्कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के आदेशों पर भी सवाल खड़ा कर दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 26 मार्च 2025 को एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि सीजेएम के पत्र क्रमांक 512 दिनांक 25 फरवरी 2025 की पालना करते हुए जिले के सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्कूल व घरों के आसपास प्लास्टिक व स्क्रैप को छात्रों द्वारा चुनना था। इसके बाद कबाड़ को बेचकर उस पैसे से मिठाई खरीदकर स्कूल के बच्चों को बांटनी थी। जिन स्कूलों ने इस प्रक्रिया को पूरा किया है, वे प्लास्टिक व स्क्रैप को चुनते हुए, कबाड़ी को बेचते हुए बच्चों की फोटो खींच उसे 9050831515 नंबर पर दो दिन के अंदर भेज दें। इसके बाद यह जानकारी जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम को भेजी जाएगी। यह पत्र मेल व सोशल मीडिया के माध्यम से भेजा गया है।
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जैसे ही इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी को पता चला तो उन्होंने इस पत्र के बारे में जानकारी ली। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि यह पत्र उनके द्वारा नहीं बल्कि कार्यकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी हयात खान के द्वारा जारी किया गया है। जिस पर हयात खान ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। अजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस पत्र में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के आदेशों को भी गलत तरीके से लिखा है। यह शिक्षा विभाग व सीजेएम की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। हयात खान द्वारा जारी किए गए आदेशों को वापस ले लिया गया है व उन्हें ऐसा करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट करते हुए बताया कि उन्हें जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से आदेश जारी हुए थे कि बच्चे अपने घर में खराब प्लास्टिक को लेकर स्कूल आएंगे और सभी बच्चे उसे स्कूल में इकट्ठा करेंगे, जिसे एक कबाड़ी बुलाकर प्रिंसिपल बेच देंगे। इसके बाद उस पैसे से स्कूल में बच्चों को मिठाई बांटी जाएगी। ताकि बच्चों को पर्यावरण व प्लास्टिक के नुकसान के बारे में जागरूक किया जा सके। लेकिन कार्यकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी ने न केवल उनके फर्जी हस्ताक्षर कर गलत पत्र जारी किया है।
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इस बारे में कार्यकारी उप जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इस पत्र को लिखने में मामूली चूक रही है। जबकि उनकी मंशा गलत नहीं थी। उन्होंने अपने हस्ताक्षर किए हैं। अब इस पत्र को वापिस ले लिया गया है।
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