एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण, अस्पताल में अव्यवस्थाएं चरम पर
नगीना। मांडीखेड़ा सिविल अस्पताल में लगातार मिल रही अव्यवस्थाओं की शिकायतों के मद्देनजर बुधवार को एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गैर हाजिर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने पाया कि अस्पताल में अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की हालत देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि वहां न तो कोई प्रबंधन है और न ही किसी प्रकार की जवाबदेही तय की गई है।
एसडीएम ने बताया कि जब ओपीडी कक्ष के रूम नंबर 6 के बाहर भारी भीड़ लगी हुई थी। कहीं भी लाइन की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस अव्यवस्था के कारण कई बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे असुविधा में दिखे। साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब मिली। अस्पताल परिसर में गंदगी के ढेर लगे थे और शौचालयों की स्थिति दयनीय थी। साथ ही चिकित्सा अधिकारी अपने कार्यालय में बातचीत में व्यस्त पाए गए। एसडीएम द्वारा पूछताछ के दौरान चिकित्सा अधिकारी का रवैया लापरवाह नजर आया। इसके अलावा अतिरिक्त डॉक्टरों की उपस्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान हाजिरी रजिस्टर की जांच में यह सामने आया कि डॉ. मोहम्मद फारुख की 28 मई की उपस्थिति दर्ज नहीं थी। डॉ. नेकी यादव की 27 और 28 मई तथा डॉ. त्रिलोक यादव की 26, 27 और 28 मई की उपस्थिति कॉलम भी रिक्त पाए गए। उन्होंने गैर हाजिर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।