संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम की गाड़ी का सायरन बजते ही सदर बाजार में दुकानदार अपने सामान को तुरंत अंदर रख लेते हैं। निगम की गाड़ी बाजार से एक छोर से दूसरे छोर तक चक्कर लगाती है और वापस चली जाती है। इसके बाद दुकानदार फिर से दुकानों के आगे सामान रख लेते हैं। इसके साथ ही दुकानों के आगे रेहड़ी पटरी वाले भी अपना सामान रख लेते हैं। यह रोजाना की बात हो गई है। बाजार में चक्कर लगा रही गाड़ी को देखकर लगता है कि निगमकर्मी कार्रवाई करने की बजाय दुकानदारों को अलर्ट करने का कार्य कर रहे हैं।
सोमवार की दोपहर के समय सदर बाजार की सभी दुकानों के आगे सड़क पर दोनों तरफ सामान रखा हुआ था। निगम की गाड़ी का सायरन सुनते ही दुकानों के कारिंदों ने सामान समेटकर अंदर रख दिया। ऐसे में निगम की गाड़ी खुली सड़क पर फर्राटा भरते हुए चली गई। दुकानों के कारिंदे नगर निगम की गाड़ी में सवार निगमकर्मियों को सलाम ठोकते हुए दिखे। गाड़ी जाने के थोड़ी देर बाद ही दुकानदारों के कारिंदों ने दुकानों के 10 से 12 फीट आगे तक दोबारा सामान रख दिया। निगम टीम की इस कार्यप्रणाली से कैसे सदर बाजार क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो पाएगा।
नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारी कई बार सदर बाजार के दुकानदारों व एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलकर अतिक्रमण नहीं करने की नसीहत दे चुके हैं। लेकिन दुकानदार अपनी दुकानों के आगे सामान रखने या फिर रेहड़ी पटरी लगवाने से बाज नहीं आ रहे। कुछ समय पहले दुकानों के आगे सामान रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए काफी दुकानों को सील भी किया गया था और जुर्माना भी वसूला था।
वर्जन
सदर बाजार में अतिक्रमण कराने वाले दुकानदारों को कई बार समझाया जा चुका है। दुकानों के आगे अतिक्रमण करने वालों के चालान काटे जाएंगे और जुर्माना नहीं भरने वालों की दुकानों को सील किया जाएगा। निगमकर्मियों को भी अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
- डॉ. नरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त जोन-2, नगर निगम गुरुग्राम।