छह मौतों से शोक में डूबा खेड़ली कला गांव
रिजवान खान
नगीना। इब्राहिम बास के समीप शनिवार सुबह दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। इनमें खेड़ली कला गांव के एक ही परिवार की छह महिलाएं शामिल थीं। सभी महिलाएं परिवार चलाने के लिए मजदूरी करती थीं। हर रोज का 320 रुपये का मेहनताना मिलता था। गांव के लोगों ने बताया कि रेशम पत्नी गुलाब और पिस्ता पत्नी महेंद्र दोनों ही सास बहू थी। जबकि अन्य मृतक महिला एक ही परिवार में से हैं जो एक दूसरे की देवरानी व जेठानी लगती थी।
मासूम मंजीत, पायल व सोनम को छोड़ गई मां
हादसे में 25 वर्षीय सतनवती भी जान चली गई। सुबह अपने चार वर्षीय बेटे मंजीत के सिर पर हाथ रखकर यह कहकर काम पर गई थी कि अपनी बहन पायल व सोनम का ख्याल रखना। मासूमों को किया पता था कि उनके लिए कहे गए उनकी मां के यह अंतिम शब्द हैं। कम उम्र के नादान मासूम अपनी मां गम को समझ में नहीं पा रहे हैं। सात महीने की सोनम जहां मां के दूध के लिए तड़प रही है। वहीं, दो साल की पायल व चार साल का बेटा मंजीत भी मां के घर आने के इंतजार में हैं। जानकारी के अनुसार, पलवल जिले के बड़ा महेशपुर गांव की रहने वाली सतनवती की करीब पांच साल पहले बड़े ही धूमधाम से राजकुमार के साथ शादी हुई थी। गरीब परिवार होने के कारण एक ओर जहां पति राजकुमार ऑटो चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहा था तो दूसरी ओर सतनवती भी परिवार के खर्च के लिए मजदूरी करती थी। सड़क हादसे में
शोक जताने पहुंचे नेता
हादसे की खबर मिलने के बाद फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान इंजीनियर, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू, नूंह पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, इनेलो नेता हबीब हवननगर ने अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टरों से जल्द कार्रवाई करने व पुलिस से भी मिलकर कार्रवाई करने के लिए कहा। वहीं, विधायक ने इसे काला दिन बताते हुए परिजनों के साथ खड़े रहने की बात भी कही तथा उन्हें सांत्वना दी।