तावडू। नगर के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक पाठशाला सैनीपुरा में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यालय प्रशासन पिछले कई महीनों से विभागीय अधिकारियों को पत्राचार कर अवगत करा रहा है, लेकिन मांग के बावजूद अब तक शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। विद्यालय की कार्यवाहक मुख्य शिक्षिका सुनीता यादव ने गत सात अगस्त तथा 2 सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी तावडू और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नूंह को पत्र लिखकर बताया कि विद्यालय में वर्तमान में केवल दो नियमित अध्यापक कार्यरत हैं, जबकि छात्र संख्या के आधार पर छः पद स्वीकृत हैं। बालवाटिका-3 से कक्षा पांचवीं तक हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या शिक्षकों की कमी के कारण लगातार घट रही है। विद्यालय में जहां पहले अधिक विद्यार्थी थे, वहीं अब संख्या घटकर 155–158 रह गई है।
अगस्त माह में भेजे गए पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि विद्यालय में कार्यरत एकमात्र शिक्षा सहायक मातृत्व अवकाश पर चली गई हैं, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। सितंबर माह के पत्र में बताया गया कि विद्यालय में एक भी शिक्षा सहायक उपलब्ध नहीं है, जबकि बच्चों की संख्या और कक्षाओं की विविधता को देखते हुए कम से कम तीन शिक्षकों की तत्काल वैकल्पिक नियुक्ति आवश्यक है। हाल ही में शिक्षा सहायकों के तबादले किए गए, लेकिन सैनीपुरा विद्यालय को इस बार भी कोई शिक्षा सहायक उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि पहले ही विभाग को स्थिति से अवगत करा दिया गया था।