आईएमटी सेक्टर-15 में 25 एमएलडी का संयंत्र बनकर तैयार, एक माह में शुरू होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानेसर क्षेत्र में सीवर के गंदे पानी के शोधन की व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। इसके लिए आईएमटी सेक्टर-15 में 25 एमएलडी का सीवर शोधन संयंत्र लगभग बनकर तैयार हो गया है। सीवर कनेक्शन व बिजली समेत अन्य कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। उम्मीद है कि एक माह में इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा।
नगर निगम मानेसर के गांवों और सेक्टरों में सीवर सिस्टम को बेहतर करने में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण करने में लगा हुआ है। इसके तहत मानेसर क्षेत्र में सीवर शोधन संयंत्रों के निर्माण पर जोर है। अभी सीवर लाइन नहीं होने से गंदा पानी खाली जगहों पर बह रहा है। इससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। करीब 30 करोड़ रुपये से 25 एमएलडी एसटीपी के निर्माण कार्य चल रहा था, जोकि अब पूरा हो गया है। संयंत्र से सीवर लाइन जोड़ने के लिए कुछ जमीन की जरूरत थी, जिसे नगर निगम गुरुग्राम पूरा करा रहा है। इससे निगम में शामिल नाहरपुर, कासन गांव समेत अन्य गांवों के सीवर का पानी शोधित किया जा सकेगा। जीएमडीए के अनुसार संयंत्र में बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया चल रही है। संयंत्र की मोटरों का परीक्षण किया जा चुका है। जीएमडीए के अधीक्षण अभियंता प्रवीन कुमार ने कहा कि संयंत्र शुरू होने से मानेसर क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था बेहतर होगी।
जहाजगढ़ में 20 एमएलडी प्लांट से मिली राहत
जीएमडीए का जहाजगढ़ में 20 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने से न्यू गुरुग्राम में सीवर के गंदे पानी का शोधन बेहतर हुआ है। गांव जहाजगढ़ और सेक्टर 103/106 के सीवर का शोधन किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि नाले के गंदे पानी को साफ किया जा सकता है। एसटीपी का निर्माण गांव जहाजगढ़ में 4 एकड़ भूमि पर 31.99 करोड़ रुपये से किया गया है।
वर्तमान में, जीएमडीए 218 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी धनवापुर और 170 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी बेहरामपुर के माध्यम से प्रतिदिन 388 एमएलडी अपशिष्ट जल का उपचार करता है। पहले चरण में दोनों एसटीपी में 100 एमएलडी क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की योजना है। सेक्टर-107 के गांव दौलताबाद में 350 एमएलडी की कुल क्षमता का एक नया एसटीपी भी प्रस्तावित है, जिसमें पहले चरण में 100 एमएलडी एसटीपी इकाई का निर्माण किया जाएगा।