गुरुग्राम। सोसाइटियों में लगे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की जांच के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) जल्द ही सर्वे शुरू करेगा। इन प्लांट को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से जोड़ा जाएगा। सर्वे के दौरान यदि किसी सोसाइटी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं मिला तो उस सोसाइटी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीवर कनेक्शन काट दिया जाएगा।
जीएमडीए अधिकारियों के मुताबिक, शहर की 377 सोसाइटियों को जीएमडीए ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के नोटिस दिए थे ताकि सीवर के पानी को शोधित करने के उपरांत ही बरसाती नाले में छोड़ा जाए। जीएमडीए के नोटिस के बाद शहर की सोसाइटियों ने यह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर जीएमडीए को सूचित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सोसाइटियों से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की सूचना मिलने के उपरांत इनकी जांच करने की योजना बनाई है। इसके लिए जल्द ही टीम को सोसाइटियों में भेजा जाएगा ताकि प्लांट की जांच हो सके।
मुख्य अभियंता ललित अरोड़ा ने बताया कि सोसाइटियों ने उन्हें सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की सूचना दी है। अब इसकी जांच की जा रही है। इन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से जोड़ने के बाद इनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इस सर्वे के दौरान यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किन-किन सोसाइटी प्रबंधन ने जीएमडीए को झूठी सूचना दी है। झूठी सूचना देने वाले सोसाइटी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में इन पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं।