चंडीगढ़ में कबीर कुटीर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पार्टी में कराया गया शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम में नगर निगम चुनाव में भाजपा से बागी होकर जीतने वाले 7 पार्षदों की फिर घर वापसी हो गई है। इनमें से पांच पार्षद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक हैं। चंडीगढ़ में कबीर कुटीर में आयोजित कार्यक्रम में रविवार की रात को इन पार्षदों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी और प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली के हाथों भाजपा का पटका पहनकर औपचारिक रूप से पार्टी में वापसी की है।
पार्षदों की घर वापसी के बाद गुरुग्राम नगर निगम की सियासत में नए समीकरण बन रहे हैं। इससे राव इंद्रजीत की स्थिति और मजबूत हुई है। वापसी करने वाले पार्षदों में वार्ड 35 से परमिंद्र कटारिया, प्रदीप परम, वार्ड 10 से महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव, प्रशांत भारद्वाज और गगनदीप किरोड़ शामिल हैं।
इनमें से भाजपा ने परमिंद्र कटारिया, महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव और गगनदीप किरोड़ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर रखा था। निष्कासन को दरकिनार कर अब इन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया है। दूसरी ओर सात पार्षदों की भाजपा में ज्वाइनिंग के बाद कैबिनेट मंत्री राव नरबीर खेमा भी सक्रिय हो गया है। इस बीच राव इंद्रजीत की बढ़ती ताकत को देखकर राव नरबीर सिंह का खेमा भी सक्रिय हो गया है।
परमिंद्र कटारिया पहले डिप्टी मेयर रह चुके हैं, उनकी ज्वाइनिंग को लेकर चर्चा ज्यादा हैं। कटारिया को राव इंद्रजीत भाजपा से टिकट नहीं दिला पाए थे, जिसके चलते उन्होंने बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। निगम चुनाव के वक्त कटारिया को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था।
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कब्जे की रणनीति
भाजपा के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यह वापसी गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर कब्जा करने की रणनीति का हिस्सा है। इन पदों के लिए लॉबिंग जोरों पर है, और राव इंद्रजीत के खेमे की यह रणनीति उनके प्रभाव को और बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।