पालम विहार थाना क्षेत्र में मिला था विक्रांत का शव, गोली मारकर की थी हत्या
आठ आरोपियों को किया था गिरफ्तार, एक आरोपी की पहले ही हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आठ साल पहले पालम विहार थाना क्षेत्र में विक्रांत की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने गैंगस्टर महल सिंह समेत सात आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में एक आरोपी की मामले की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष आरोपियों पर हत्या का आरोप साबित नहीं कर सका। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत ने दिया है। विक्रांत के पिता की शिकायत पर पालम विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
मूलरूप से झज्जर जिले के गांव दुलीना निवासी नेपाल ने पुलिस को बताया था कि बेटा विक्रांत (25) काम से दिल्ली के नजफगढ़ जाता था। उन्हें पता चला था कि ओम प्रकाश, अंशुल धनखड़, राहुल और अन्य दोस्तों के साथ उसे दो गाड़ियों में अपने साथ ले गए थे। इसके बाद गांव बजघेड़ा की पंचायती जमीन पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए राहुल और हिमाचल प्रदेश में बंद अंशुल को भी गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद आरोपी गैंगस्टर मंजीत महल को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस ने अजय, गौरव, कपतान, समीर और विकास दलाल को गिरफ्तार किया गया। आरोपी विकास की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान मृतक के पिता ने अदालत में अपने बयान को बदलते हुए कहा कि इन आरोपियों ने उनके बेटे की हत्या नहीं की है। पुलिस ने सफेद कागज पर उनके हस्ताक्षर करा लिए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।