आरओएफ आनंदा सोसाइटी का मामला, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मारपीट का वीडियो
15 दिन पहले सोसाइटी में कूड़ा उठाने को लेकर हुआ था विवाद, इसके बाद लगाए गए थे कैमरे
पुलिस ने वीडियो में कैद मारपीट के आरोपी सुपरवाइजर को लिया हिरासत में, की जा रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। खेड़कीदौला थाना क्षेत्र की आरओएफ आनंदा सोसाइटी के एफ ब्लॉक में 15 दिन पहले हुए विवाद में एक निवासी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मारपीट का यह पूरा प्रकरण सोसाइटी में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गया है। इस मारपीट में निवासी के सिर में गंभीर चोट लगी है। घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस भी हरकत में आ गई। खेड़कीदौला थाना पुलिस ने घायल की शिकायत के बाद सुरक्षा गार्ड कंपनी के सुपरवाइजर को हिरासत में लिया है।
सोसाइटी के निवासी गजेन्द्र ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले आरओएफ आनंदा सोसाइटी के एफ ब्लॉक में एक निवासी ने महिला सफाईकर्मी को सही से सफाई करने और कूड़ा उठाने को कहा था। इसी लेकर कहासुनी हो गई और महिला सफाईकर्मी ने सिक्योरिटी गार्डों को बुला लिया था। इस सोसाइटी में मेंटेनेंस और सिक्योरिटी का जिम्मा एक ही एजेंसी सेकलिविक प्राइवेट लिमिटेड के पास है। गार्डों के आने के बाद वहां निवासी भी एकत्रित हो गए। ऐसे में उस समय मामला शांत हो गया।
इसके बाद बिल्डर की ओर से यहां पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। बृहस्पतिवार रात साढ़े 12 बजे निवासी प्रदीप सारस्वत और विजय कुमार सोसाइटी के पार्क में बैठे थे। आरोप है कि देर रात लगभग डेढ़ बजे एजेंसी की क्यूआरटी टीम बोलेरो कार में सवार होकर यहां आई। फिर एजेंसी के कर्मचारियों ने डंडों से प्रदीप व विजय पर हमला कर दिया। इसमें प्रदीप को सिर में गंभीर चोट लगी और काफी खून निकला। आरोपियों को रोकने के लिए रेजिडेंट जब सोसाइटी का गेट बंद करने लगे तो बोलेरो बैक करते समय एक बाइक सवार को टक्कर मारकर गिरा दिया। फिर फिल्मी स्टाइल में गेट में टक्कर मारकर आरोपी बोलेरो को भगा ले गया। ये पूरी वारदात यहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। आरोपियों के जाने के बाद गंभीर रूप से घायल प्रदीप को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां से उसे छुट्टी मिल गई है।
सोसाइटी में आरडब्ल्यूए का नहीं हुआ है गठन
आरओएफ आनंदा सोसाइटी में लगभग 800 परिवार रहते हैं। इस सोसाइटी में मेंटेनेंस का काम बिल्डर के पास है। बिल्डर की ही सुरक्षा गार्ड कंपनी है। आरोप है कि नागरिकों की ओर से जब भी किसी व्यवस्था पर सवाल उठाया जाता है तो सुरक्षा गार्ड की ओर से उसे दबा दिया जाता है।
सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली कंपनी तुरंत निरस्त हो
सोसाइटी में रहने गजेन्द्र कुमार कहते हैं कि जिस तरह से निवासी के साथ सुरक्षा गार्ड की ओर से मारपीट की गई है। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। ऐसे में बिल्डर को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा गार्ड कंपनी का लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए। सोसाइटी में रहने वालों को इस घटना को लेकर रोष है।