फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: विजिलेंस रेड के बाद से ही सचिव फरार, कामकाज प्रभावित

विज्ञापन
विज्ञापन
-मंड़ी एसोसिएशन ने की सचिव समेत पूरे स्टाफ के तबादले की मांग
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह की अनाज मंडी एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। मार्केट कमेटी के सचिव मनोज कुमार विजिलेंस की रेड के बाद से फरार हैं और कई दिन बीत जाने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस लगातार दबिश देने का दावा कर रही है, लेकिन पूरे मामले में उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम ने लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर 15,000 की रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद छापेमारी की। इस दौरान सचिव के अधीनस्थ कर्मचारी वेद पाल को रंगे हाथों पकड़ लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी मंडी सचिव मनोज कुमार मौके से फरार होने में सफल रहा। सूत्रों के अनुसार, फरार सचिव का मंडी में इतना दबदबा था कि वह खुलेआम भ्रष्टाचार करता था। आरोप है कि वह सफाई कर्मचारियों से लेकर छोटे रेहड़ी-पटरी वालों तक से वसूली करता था, जबकि कई जगहों से सामान मुफ्त में लेता था। तेल मिलों से तेल, आटा मिलों से आटा और अन्य कार्यों में भी उसने जमकर अवैध वसूली की।
विज्ञापन

उसके इस रवैये से न केवल अनाज मंडी बल्कि सब्जी मंडी और मार्केट कमेटी के अधीन आने वाले अन्य छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे थे। यह भी सामने आया है कि आरोपी स्वयं को मुख्यमंत्री के एक ओएसडी का करीबी बताकर लोगों पर फर्जी दबाव बनाता था और इसी आड़ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता था। उसके व्यवहार को लेकर मार्केट कमेटी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष थान सिंह द्वारा भी शिकायत की गई थी, लेकिन मामला उलझाकर दबा दिया गया।
-
मंडी का कामकाज प्रभावित :

सचिव के फरार होने का असर अब मंडी के कामकाज पर साफ दिखाई दे रहा है। कई आढ़तियों के लाइसेंस नवीनीकरण लंबित पड़े हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। मंडी एसोसिएशन ने भी इस पूरे स्टाफ को तत्काल बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि नूंह मंडी में इससे पहले इतना व्यापक भ्रष्टाचार कभी नहीं देखा गया और यदि सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह सिलसिला जारी रहेगा।
विज्ञापन


50 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे पूर्व सचिव :
गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी मंडी में सचिव रहे राजकुमार को 50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था, जिससे यह साफ होता है कि यहां भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं, बल्कि एक गहरी जड़ जमा चुकी समस्या है। इस मामले में विजिलेंस के इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन का कहना है कि फरार सचिव को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें