गुरुग्राम। विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे स्कूली वाहनों के मानकों की जांच करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण गुरुग्राम (आरटीए) अभियान चलाएगा। मानक नहीं पूरा करने वाले स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि अवैध रूप से चल रहे स्कूली वाहनों पर शिकंजा कसा जा सके। गुरुग्राम शहर में लगभग 500 से अधिक निजी स्कूल हैं, जिनमें विद्यार्थियों के लिए वाहन भी विभिन्न रूटों पर लगाए गए हैं। वर्तमान में स्कूल खुल चुके हैं और बच्चों के लिए बसें व अन्य स्कूली वाहन चलाए जा रहे हैं।
स्कूली वाहनों को लेकर आरटीए के पास कई बार शिकायतें पहुंचती हैं कि कई वाहन नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे हैं। ऐसे में आरटीए द्वारा अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की जांच की जाएगी और नियमों को पूरा नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी।
स्कूली वाहनों के लिए जरूरी मानक
स्कूली वाहन में स्कूल का नाम, रूट, टाइमिंग आदि लिखा हो। वाहन पर स्कूल मालिक और पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर होना चाहिए। चालक को हर तीन साल में एक बार सिविल सर्जन की ओर से मेडिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र लेना होगा। चालकों-परिचालकों की पूरी यूनिफार्म होनी चाहिए। उस पर नेम प्लेट, लाइसेंस नंबर लिखा होना चाहिए। स्कूली बच्चों को लाने-जाने के लिए चाहे बस हो, वैन या कोई भी वाहन हो उसकी अनुमति होनी चाहिए। स्कूली वाहनों पर कार्यरत चालक कम से कम 5 साल का अनुभवी होना चाहिए। चालक का यातायात नियमों संबंधी तीन बार से ज्यादा चालान नहीं कटा होना चाहिए। स्कूली वाहनों में चालक के अलावा परिचालक या अटेंडेंट होना अनिवार्य है। स्कूली वाहन की गति शहर में 50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। फस्टएड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है। वहीं सभी स्कूली वाहनों पर जीपीएस लगा होना जरूरी है।
स्कूली वाहनों का रंग पीला हो एवं बस पर गहरे नीले रंग की 254 मिलीमीटर की चौड़ी पट्टी पर स्कूल का नाम लिखा हो। वाहन के आगे की तरफ 50 मिलीमीटर सफेद रंग की रिफलेक्टिव टेप पर स्कूल का नाम लिखा हो और बाकी जगह लाल रंग की रिफ्लेक्टर टेप लगी होनी चाहिए। स्कूली वाहन में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से मंजूरशुदा डीलर से स्पीड गर्वनर लगा होना चाहिए। फिटनेस और इंश्योरेंस सर्टिफिकेट होना चाहिए।
जल्द ही स्कूली वाहनों की चेकिंग के लिए स्पेशल अभियान चलाया जाएगा और नियमों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में स्कूल संचालकों को भी स्कूली वाहनों के लिए जरूरी मानकों केे बारे में बताया जाएगा, ताकि वे समय रहते अपने स्कूली वाहनों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं कर सकें।
- धारणा यादव, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण, गुरुग्राम