राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम (एससीईआरटी) ने सभी जिलों के डाइट प्राचार्यों, बीआरसी व एबीआरसी आदि अधिकारियों को सरकारी स्कूलों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। इस दौरान वे पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की पढ़ने-लिखने की दक्षता जांचेंगे। इसके साथ ही शिक्षा स्तर में सुधार के टिप्स देंगे।
स्कूलों में दो चरणों में परामर्श कार्यक्रम होंगे। पहले यानी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) परामर्श में सभी एबीआरसी और बीआरपी स्कूलों की पहली से तीसरी कक्षा का दौरा करेंगे। वहां छात्रों से गिनती, पहाड़े, व्यंजन, स्वर और शब्दों का उच्चारण करवाकर देखेंगे। वहीं, दूसरे यानी प्राथमिक परामर्श में सभी चौथी से आठवीं कक्षा के छात्रों के बीच भाषा दक्षता, धाराप्रवाह बोलने की क्षमता, शब्दों के उच्चारण का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर समीक्षा एप के माध्यम से विजिट फॉर्म भरे जाएंगे।
एफएलएन परामर्श में सभी एबीआरसी व बीआरपी कम से कम छह स्कूलों की 15 कक्षाओं का भ्रमण करेंगे। वहीं, एफएलएन समन्वयक कम से कम पांच स्कूलों की 10 कक्षाओं का निरीक्षण करेंगे। इसी प्रकार प्राथमिक परामर्श में डाइट प्राचार्य एक स्कूल में 4-5 कक्षा की दो कक्षाएं, दो स्कूलों में 6-8 कक्षा की छह कक्षाएं देखेंगे।
एससीईआरटी ने सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए लक्ष्य तय किया है। अभी पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी चल रही हैं। स्कूल खुलने के बाद मॉनिटरिंग कार्यक्रम शुरु किए जाएंगे।
-मनोज लाकड़ा, जिला नोडल अधिकारी, एफएलएन