इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच जिले में 452 बच्चे निमोनिया से पीड़ित पाए गए थे,
पांच बच्चों की मौत हो गई थी
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज से सांस अभियान की शुरुआत की जा रही है जो 28 फरवरी तक चलेगा। विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर सांस अभियान उपायुक्त अजय कुमार के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलका सिंह के निर्देशन में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया से होने वाली मृत्यु दर को घटाना और समुदाय स्तर पर रोकथाम, पहचान व उपचार को सुदृढ़ बनाना है।
इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच जिले में 452 बच्चे निमोनिया से पीड़ित पाए गए। इनमें से 54 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया गया, जबकि पांच बच्चों की मौत हो गई। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जागरूकता बढ़ाने के लिए आज से सांस अभियान की शुरुआत करेगा, ताकि बच्चों को निमोनिया से बचाया जा सके।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि अभियान बच्चों में निमोनिया की शीघ्र पहचान, समय पर इलाज और जन-जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर अभिभावकों को निमोनिया के लक्षणों जैसे तेज सांस लेना, लगातार खांसी और बुखार के बारे में जानकारी देंगी। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को राष्ट्रीय निमोनिया प्रबंधन दिशा निर्देश (2019) के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि हर स्तर पर सही उपचार सुनिश्चित हो सके।
अभियान में लगाए जाएंगे टीके
-पीसीवी
-पेंटावेलेंट
-एमआर
पांच साल से कम आयु वाले बच्चों पर अधिक ध्यान
प्राथमिक लाभार्थी पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे होंगे, जबकि द्वितीयक लाभार्थियों में अभिभावक, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता और ग्राम प्रतिनिधि शामिल हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि बच्चों में सांस संबंधी परेशानी या बुखार दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
अप्रैल से सितंबर के बीच जिले में पांच साल तक के 452 बच्चे निमोनिया से पीड़ित पाए गए। इसे देखते हुए सांस अभियान शुरू होगा, जिसके तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को निमोनिया की रोकथाम, पहचान और समय पर इलाज के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
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डाॅ जयप्रकाश, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग