गुरुग्राम। जिले में कक्षा छह से आठवीं तक स्कूलों को खोलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्कूलों को सैनिटाइज किया जा रहा है। विद्यार्थियों को अभिभावकों के सहमति पत्र और स्वास्थ्य जांच पत्र के साथ ही स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। एक बैंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति होगी। विद्यार्थी के तापमान जांच के लिए रजिस्टर बनाया जाएगा। जिले में 209 राजकीय माध्यमिक स्कूल हैं। जिनमें 33 हजार 247 विद्यार्थी हैं।
कोरोना संक्रमण की शुरुआत में ही स्कूलों को मार्च माह में बंद कर दिया गया था। करीब दस माह बाद माध्यमिक स्कूल खुलने जा रहे हैं। हालांकि नौंवी से बारहवीं तक के स्कूलों को दिसंबर माह में खोल दिया गया था। कुछ निजी स्कूलों में अभी भी स्कूल खोलने पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, हरियाणा शिक्षण संस्थान पहली से ही स्कूलों को खोलने की मांग कर रहा है।
कोरोना काल में सतर्कता बरतने संबंधी दिशानिर्देश देने के लिए शुक्रवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने सभी मिडिल हेड की शिवाजी नगर के स्कूल में बैठक ली। इसमें जिले के चारों ब्लॉक के मिडिल हेड ने भाग लिया। मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बैठक में स्कूलों की यथास्थिति के बारे में जाना व स्कूल खुलने से पहले स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी तैयारियों के आदेश दिए।
ऑनलाइन जारी रहेगी पढ़ाई
जैकबपुरा के माध्यमिक स्कूल की मिडिल हेड सरोज कुमारी ने बताया कि ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी। विद्यार्थियों की परीक्षाएं अवसर एप पर ली जाएंगी। वहीं, स्कूल आने व विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति पत्र के साथ आना होगा। स्कूलों को हर दिन सैनिटाइज किया जाएगा। पानी की टंकी, शौचालय की सफाई कर दी गई है।
एक फरवरी से कक्षा छह के स्कूलों को खोला जा रहा है। स्कूलों में तैयारियां की जा रही हैं। मिडिल हेड को स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
अभिभावकों की राय जानी
निजी स्कूलों द्वारा 1 फरवरी से स्कूलों को खोलने के संबंध में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एमिटी स्कूल की प्राचार्या आरती चोपड़ा ने बताया कि स्कूल खोलने के संबंध में अभिभावकों की राय जानी जा रही है। अभिभावकों की सहमति के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाया जाएगा।
पहली से स्कूल खोलने की मांग
हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन ने पहली कक्षा से स्कूलों को खोलने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल यादव ने बताया कि दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पहली से स्कूल खोल देने चाहिए। इसके साथ ही ऑनलाइन कक्षाओं को बंद कर देना चाहिए। ऑनलाइन कक्षाओं के विकल्प के बाद कम ही अभिभावक विद्यार्थियों को स्कूल भेजने पर सहमति दिखा रहे हैं।