फिरोजपुर झिरका के 80 गांवों में रेनीवेल परियोजना का नहीं मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका । प्रदेश सरकार ने क्षेत्र के सभी गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए रेनीवेल परियोजना 263 करोड़ रुपये की लागत से लागू की थी। स्थानीय अधिकारियों ने कागजों पर इस योजना को पूरे नंबर देकर चालू दिखाया हुआ है। लेकिन उपमंडल के 80 गांव में से किसी भी गांव में यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। क्षेत्र के समाजसेवी और जिम्मेदार लोगों का कहना है कि घरों तक पानी पहुंचाना आज भी विभाग के अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है। लोगों को कहना है जहां कहीं भी पानी आ रहा है वह खरा है।
जल आपूर्ति का समय बदलने से बढ़ी परेशानी
इस योजना में हर घर नल से जल पहुंचाने का प्रावधान था। लेकिन यहां पर स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण ये परेशानी कम होने की बजाए बढ़ती ही जा रही है। हालात यह है कि आज भी लोग टैंकरों, नलकूपों से पानी मांगते हैं । शहर फिरोजपुर झिरका में जल आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा पीने के लिए खारा पानी दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों में रहने वाले लोगों का कहना है कि पहले पानी की आपूर्ति के लिए प्रातः और रात्रि में पानी आया करता था लेकिन अब प्रातः 10:00 बजे से पानी का शेड्यूल बदल गया है। जिससे महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।
योजना को लगभग पांच साल बीत जाने के बाद भी पीने का पानी घरों तक पहुंचाने के लिए विभाग के अधिकारी असफल रहे। यहां तक की विभाग के अधिकारी पानी की पाइप लाइनों से लीकेज तक नहीं रोक पाए हैं। जबकि सरकार से लीकेज रोकने के लिए अलग से अधिकारियों के पास बजट आता है।
बिना समाधान के एटीआर करते हैं अपलोड
शिकायतकर्ताओं ने दर्जनभर शिकायत की हैं लेकिन शिकायतकर्ता को बिना बुलाए और बिना बताए ही एटीआर अपलोड करके सरकार और उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाता है।और शिकायत को निरस्त कर दिया जाता है, ना तो ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और नहीं शिकायतों का समाधान हुआ।
जल्द विभाग के जेई और कर्मचारियों को भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा। शहर में और जिन गांवों में रेनीवेल का पानी नहीं पहुंच रहा ,वहां जल्द पानी पहुंचाया जाएगा। -अमित कुमार, कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नूंह।