इमारत बनाने के दौरान फायर मानकों व सुरक्षा व्यवस्था को किया दरकिनार
नंबर गेम 350 इमारतों में मिली थी खामियां
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में पीजी और गेस्ट हाउस में सुरक्षा मानकों की कोई व्यवस्था नहीं है। जिला फायर विभाग के ऑडिट में यह सामने आया है। इमारतें बनाने के दौरान फायर संबंधी मानकों को दरकिनार किया जाता है। इससे आगजनी और अन्य अनहोनी घटनाओं का खतरा बना रहता है। विभाग ने जिले में करीब 350 इमारतों में मानकों की खामियां पाइन। इन इमारतों के मालिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। नगर निगम गुरुग्राम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकार क्षेत्र की इमारतों में ऑडिट नहीं हुआ है। गुरुग्राम की सोसाइटियों में पुरानी इमारतें जर्जर हो रही हैं। मानकों के अनुसार, सामग्री न होने से कई इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। छज्जे या लेंटर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। 7 दिन पहले सुशांतलोक-3 में बालकनी गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हुई थी।
सुरक्षा में लापरवाही
लोग किराया कमाने के लिए छोटे प्लॉटों पर इमारतें खड़ी करते हैं। इन इमारतों को बनाने में कई तरह की लापरवाही बरती जाती है। 16.5 मीटर से कम ऊंचाई होने के कारण फायर विभाग से एनओसी की जरूरत नहीं पड़ती। संबंधित विभाग इन इमारतों का सही ऑडिट या सर्वे नहीं करते। सांठगांठ से इमारतें बनती हैं और मानकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। हादसों के बाद अधिकारी एक-दूसरे पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ते हैं।
जिन इमारतों में फायर व सुरक्षा संबंधी मानकों को पूरा नहीं किया गया है, उनके मालिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। नगर निगम व एचएसवीपी से पीजी व गेस्ट हाउस का रिकॉर्ड मिलने के बाद ऑडिट कराकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र यादव, वरिष्ठ फायर अधिकारी, जिला फायर विभाग