बिल्डर से इसे लेकर एक कार्य योजना नगर योजनाकार विभाग को दी हुई है
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित छह टावरों में फेजिंग (विभाजित) करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसे लेकर चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी की आरडब्ल्यूए ने बिल्डर से इससे संबंधित कार्य योजना की जानकारी मांगी है।
बिल्डर से इसे लेकर एक कार्य योजना नगर योजनाकार विभाग को दी हुई है। चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि बिल्डर की ओर से नगर योजनाकार विभाग को आवेदन कर फेजिंग कराने की बात की है। उनका कहना है कि यह निर्णय सभी फ्लैट मालिकों को प्रभावित कर सकता है, जिसमें सुरक्षित और असुरक्षित दोनों टावरों में रहने वाले शामिल हैं। बिल्डर को चाहिए कि इस बारे में पूरी योजना से आरडब्ल्यूए को अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि इससे टावरों के निवासियों से कई प्रश्न उत्पन्न हो रहे हैं। आधिकारिक जानकारी की कमी के कारण एसोसिएशन उनकी चिंताओं को प्रभावी ढंग से दूर करने में असमर्थ है। यदि जानकारी नहीं शेयर की जाती है तो संबंधित विभाग के जाने को विवश होंगे। हालांकि वह लोग ऐसे कदम नहीं उठाना चाहेंगे, लेकिन इस मुद्दे पर जानकारी और पारदर्शिता की कमी के कारण कोई अन्य विकल्प नहीं है। इस बारे में जल्द जानकारी दें ताकि किसी भी तरह के भ्रम या चिंता से बचा जा सके। प्रधान राकेश हुड्डा ने कहा कि असुरक्षित घोषित डी, ई, एफ, जी,जे और एच को तोड़ा जाना है। बिल्डर इन टावरों को फेज में कर काम शुरू करना चाहता है। ऐसे में किसी टावर के ले आउट प्लान में बदलाव के लिए इसी टावर के लोगों की मंजूरी जरूरी होगी। इस बात पर अन्य लोगों में आपत्ति है। बता दें कि चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावर डी में 10 फरवरी 2022 में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। आईआईटी दिल्ली की टीम को टावरों के संरचनात्मक ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी।
बिजली और पानी लाइन शिफ्ट, फायर सिस्टम का काम शेष
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के असुरक्षित छह टावरों से केंद्रीयकृत बिजली, पानी व फायर सिस्टम को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा है। बिल्डर से पानी और बिजली लाइन को शिफ्ट करा दिया गया है, अब फायर का काम बचा है। तीनों सेवाएं शिफ्ट होने के बाद टावरों के तोड़ने में तेजी आएगी। फायर सिस्टम की वजह से अभी पानी लाइन को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है। चिंटेल्स इंडिया के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि ए,बी और सी टावर के लोगों के लिए बिजली, पानी और फायर जैसी सुविधाएं देनी हैं। असुरक्षित टावरों को तोड़ने से पहले इन सुविधाओं को बाहर किया जा रहा है। तीनों सुविधाएं शिफ्ट होने के बाद तोड़ने का काम तेज होगा।