गुरुग्राम/पटौदी। राजस्थान से गाड़ियों में भरकर आ रहे किसानों की अफवाह दिनभर चलती रही। इसके मद्देनजर जिले की सीमा पर पुलिस सतर्क रही। शहर की अंदरूनी सड़कों पर नजर रखने के लिए हाइवे व एक्सप्रेसवे समेत मुख्य सड़कों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। वहीं, भारी वाहनों के रूट डायवर्जन के कारण खेड़कीदौला टोल प्लाजा के पास वाहनों का दबाव अधिक हो गया। इसके कारण शिकोहपुर पुल तक वाहनों की कतारें लग गई।
सोमवार सुबह से ही शहर में वाहनों का दबाव अधिक रहा। वहीं, रविवार रात से उड़ रही अफवाह ने पुलिस को और अधिक चौकस कर दिया। अल सुबह, दोपहर व देर शाम तक किसानों के अलग-अलग वाहनों के माध्यम से गुरुग्राम में प्रवेश करने की सूचना मिली। इससे पुलिस के होश उड़ते रहे। पुलिस ने सुबह से ही कापड़ीवास सीमा पर नाकेबंदी कर दी। स्थिति का जायजा लेने स्वय सहायक पुलिस आयुक्त बीर सिंह पहुंचे। यहां से जिले में आने वाले प्रत्येक वाहन पर नजर रखी जा रही थी। संदेह होने पर वाहनों को रुकवाकर पूछताछ भी की गई। वहीं शहर के प्रमुख चौराहों व लिंक रोड पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। संदेह के घेरे में आने वाले वाहनों की सूचना आला अधिकारियों को देकर जांच भी करवाई गई।
राजस्थान परिवहन की बसे राजीव चौक से लौटीं
किसान आंदोलन को देखते हुए यातायात पुलिस की तरफ से सोमवार को राजस्थान परिवहन की बसों को राजीव चौक पर ही रोककर यू टर्न लेने का निर्देश दिया जा रहा था। ऐसे में राजस्थान परिवहन की बसों से आने वाले यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, मानेसर से शहर की ओर आ रहे भारी वाहनों को पुलिस ने डायवर्ट कर एसपीआर पर भेज दिया। इस कारण खेड़कीदौला टोल के नजदीक बने कट से वाहनों को एसपीआर की तरफ भेजा गया। भारी वाहनों को मोड़ने के लिए यातायात रोकने से यहां दबाव बढ़ गया जिसके कारण यहां करीब 400 मीटर तक वाहनों की कतारें लग गई। वहीं, सरहोल व कापसहेड़ा बॉर्डर पर बेरोकटोक वाहन दिल्ली सीमा में प्रवेश करते रहे। दिल्ली पुलिस ने इन पर अपनी नजरें जमाई हुई थी।