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सेक्टर-12 से ओल्ड दिल्ली रोड से गुजरने वाली निजी बस का सहायक बस के ऊपर रखे सामान को तारों से बचाता हुआ।

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गुुरुग्राम। नगर निगम की तरफ से विकास कार्यों कोे लेकर भले ही तमाम दावे किए जाते हों लेकिन सच्चाई यह है कि शहरी इलाके के आसपास के ही तमाम क्षेत्र ऐसे हैं, जहां लोगों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास का क्षेत्र इन्हीं में शामिल है। यहां की सड़कें बिलकुल बदहाल स्थिति में हैं। बिना हिचकोले खाए चालक आगे निकल ही नहीं सकते। किसी बीमार को यहां से निकलना पड़े तो मुश्किल और बढ़ जाती है।
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द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे से गुजरने वाली सड़क खस्ताहाल है तो दौलताबाद गांव की तरफ जाने वाली सड़क भी जर्जर है। इन सड़कों से यात्रा के दौरान यात्रियों को हिचकोले खाने को मजबूर होना पड़ता है। द्वारका एक्सप्रेसवे की तरफ से चौमा गांव की तरफ जाने वाली सड़क खस्ताहाल है, जहां बारिश के दिनों में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, आसपास के इलाकों बजघेड़ा, धर्मपुर, धनवापुर की सड़कों की भी हालात ज्यादा दुरुस्त नहीं है। इन इलाकों में जाने पर पता चलता है कि नगर निगम व अन्य संस्थाओं की तरफ से किए जा रहे विकास कार्य सिर्फ शहर के सीमित इलाकों तक ही सिमट कर रह गए हैं। स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों की तरफ से सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की जाती रही है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आखिर कब ठीक होंगी सड़कें
द्वारका एक्सप्रेसवे व चौमा गांव के आसपास के इलाकों की रोड बेहद खराब स्थिति में हैं। इनकी मरम्मत के लिए शासन-प्रशासन स्तर से कोई काम नहीं किया जा रहा है। तो आखिर कब ठीक होंगी ये रोड।
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- पृथ्वी, स्थानीय निवासी
स्थानीय सड़कों की हालत खस्ता है। खासकर चौमा गांव के इलाके की। सबसे ज्यादा परेशानी वाहन चालकों को होती है। कई बार तो चोटिल होने की स्थिति बन जाती है। परेशानी ये है कि शिकायत पर कभी समाधान नहीं किया जाता।
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- प्रशांत जून, स्थानीय निवासी
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