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Gurugram News: सड़क बनी दलदल, छह महीने से अधूरा पड़ा है मरोड़ा-बलई मार्ग

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मरोड़ा से बलई के लिए जाने वाला मार्ग, जो प्रशाासनिक लापरवाही से अधूरा।
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- बारिश ने खोली निर्माण एजेंसी की पोल, कीचड़ और टूटी पुलिया से ग्रामीण बेहाल
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रिजवान खान
नूंह। विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरोड़ा से बलई गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग आज भी अधूरा पड़ा है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह सड़क पिछले छह महीनों से निर्माणाधीन है, लेकिन विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की धीमी कार्यशैली के चलते ग्रामीणों को राहत के बजाय भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात शुरू होते ही अधूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है और हालात इतने खराब हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।



करीब सवा किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण चारकोल तकनीक से किया जा रहा है, जबकि लगभग 250 मीटर हिस्से में ब्लॉक लगाए जाने हैं। सड़क निर्माण पर करीब 1 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह मार्ग बनारसी, बदरपुर, मरोड़ा, हवन नगर, ढाडोली, खुशपुरी और गोहाना समेत दर्जनों गांवों को जोड़ता है। हर रोज सैकड़ों लोग इसी रास्ते से पिनगवां और नूंह बाजार तक पहुंचते हैं, लेकिन अब यह रास्ता लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क पर रोड़े और मलबा डालकर काम अधूरा छोड़ दिया है। कुछ दिन मशीनें चलती हैं और फिर कई-कई सप्ताह तक काम बंद रहता है। बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह कीचड़ जमा हो गया है, जिससे बाइक और कारें फिसल रही हैं। कई राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को खेतों के रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।

अब तक नहीं बनी टूटी पुलिया :



सबसे बड़ी चिंता यह है कि सड़क पर टूटी हुई पुलिया को भी अब तक नहीं बनाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द निर्माण पूरा नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल कागजों में निरीक्षण कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।
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27 अप्रैल तक पूरी होनी थी सड़क :



गौरतलब है कि इस सड़क को 27 अप्रैल तक पूरा किया जाना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है। पिछले दस वर्षों से जर्जर इस सड़क से परेशान ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नई सड़क बनने से राहत मिलेगी, लेकिन अब अधूरी सड़क ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गांवों के लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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जिलेभर बहुत सारी सड़कों पर काम चल रहा है। ग्रेप लगने व चल रहे युद्ध के कारण सामग्री समय पर नहीं मिल पाई थी जिसके कारण काम बीच में रुक गया था। विभाग की कोशिश है कि जल्द काम को पूरा कर लिया जाए।

- प्रदीप सिंधु, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, नूंह।

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बरसात के बाद सड़क की हालत नरक जैसी हो गई है। बच्चे स्कूल और मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

- साजिद खान, ग्रामीण।



ठेकेदार मनमर्जी से काम कर रहा है। विभाग के अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। अगर गंभीरता से काम किया जाए तो जल्द ही काम को पूरा किया जा सकता है।

- नफीस, स्थानीय ग्रामीण।



दर्जनों गांवों की आवाजाही इसी रास्ते से होती है, लेकिन अब यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं। हमारी मांग है कि जल्द काम को पूरा किया जाए।

- ताशिम खान, ग्रामीण।

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टूटी पुलिया और कीचड़ हादसों को न्योता दे रहे हैं। प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे। वरना कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

- रफीक ड्राइवर, बलई।
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