पशुओं के बीच सड़क पर बैठे होने से लगता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-54 और उसके आसपास की मुख्य सड़कों पर इन दिनों लावारिस पशुओं का आतंक चरम पर है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का आरोप है कि आसपास के गांवों तिगरा, उल्लावास, मैदावास और वजीराबाद व अन्य गांवों में चल रहीं डेयरियों के मालिक अपने पशुओं को चारे के खर्च से बचने के लिए दिनभर सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं।
वजीराबाद के दिनेश यादव ने बताया कि इन डेयरियों में 15 से 20 गाय और भैंसें रखी हुई हैं। डेयरी संचालक सुबह दूध निकालने के बाद इन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। ये पशु दिनभर कूड़े के ढेरों में मुंह मारते हैं और दोपहर में सड़क के बीचों-बीच पसरे रहते हैं। वहीं तिगरा के कृष्णपाल भारद्वाज का कहना है कि कई सालों से ये अवैध डेयरियां बेधड़क चल रही हैं। दोपहर के समय में पशुओं के बीच सड़क पर बैठे होने से सड़क पर जाम लग जाता है। पशुओं के झुंड के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों के लिए निकलना दूभर हो गया है। वहीं रात के समय भी लावारिश पशु सड़कों पर बैठे रहते हैं।