राजस्व रिकाॅर्ड के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप
अरावली पहाड़ी की भूमि के प्रकार को अवैध रूप से बदलकर कंपनियों को लाभ देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत ने राजस्व रिकाॅर्ड के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी सेवानिवृत्त पटवारी राय सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि लाभार्थी कंपनियों से रिकॉर्ड बरामद करना बाकी है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत ने दिया है।
अरावली की पहाड़ी की भूमि के प्रकार को अवैध रूप से बदलकर अंसल ग्रुप और उसकी सहायक कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप है। 2015 में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के आदेश पर राज्य सतर्कता ब्यूरो को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में सामाजिक, कार्यकर्ता रामचरण शुक्ला ने आरोप लगाया था कि रायसीना, सोहना और ग्वाल पहाड़ी क्षेत्रों की भूमि को काटकर जमीन को समतल किया गया और मिलीभगत से जमाबंदी में इसे गैर-मुमकिन पहाड़ की बजाय गैर-खेती योग्य भूमि के रूप में दिखाया।
जांच में पाया गया कि रायसीना गांव की जमाबंदी 1990-91 में अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड की सहायक कंपनी दिल्ली टावर्स एंड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली टावर्स लिमिटेड, अंसल थिएटर्स एंड क्लबोटेल प्राइवेट लिमिटेड ने 9057 कनाल 15 मरला जमीन ली थी। यह जमीन मूल रूप से गैर-खेती योग्य पहाड़ी थी, लेकिन 1994-95 में तत्कालीन पटवारी राय सिंह ने जमाबंदी तैयार करते समय जमीन को फार्म हाउस, गैर-खेती योग्य सड़क और घरों के रूप में बदल दिया। इससे अंसल अरावली रिट्रीट प्रोजेक्ट में फार्म हाउस बनाकर बेचे गए।
राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम ने राय सिंह को 26 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया था। बचाव पक्ष की तरफ से दलील दी गई कि उसने पहले के पटवारी की तरफ से गिरदावरी में दर्ज किए गए रिकाॅर्ड के आधार पर इसे दर्ज किया था। वह नौ साल पहले रिटायर हो चुके हैं। अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने आदेश के रिकाॅर्ड को बदला।