6 महीने चक्कर काटने के बाद प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से रिटायर्ड अवर विश्लेषक मनोज कुमार गोयल (निवासी वार्ड 10 सिटी नूंह) के साथ साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 6 महीने पहले 16 जुलाई 2025 को हुए करीब 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी में पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए अब प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़ित पिछले 6 महीने से जांच अधिकारी एसआई संजीत के चक्कर काटता रहा लेकिन पुलिसकर्मी ने कोई सुनवाई नहीं की। ऐसे में परेशान होकर पीड़ित ने पंचकूला हेडक्वार्टर में आईजी (क्राइम) राकेश आर्य को शिकायत की। जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने 14 जनवरी को तुरंत केस दर्ज किया। पीड़ित ने बताया कि 31 मई 2025 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से रिटायर्ड होने के बाद एचडीएफसी बैंक में सरकारी राशि प्राप्त हुई। 16 जुलाई 2025 को खाते में करीब 9 लाख रुपये थे। 16 जुलाई को वाट्सएप पर ट्रैफिक ई चालान एपीके फाइल नाम से मैसेज प्राप्त हुआ, जिस पर ट्रैफिक पुलिस का लोगो लगा हुआ था। जिसे खोलने पर आरटीओ ई चालान एपीके लिखा हुआ था। फोन हैक हो गया और जल्दी-जल्दी मैसेज आने शुरू हो गए। मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ कि खाते से 4,90,007 रुपये नैटबैंकिंग से अदायगी कर दी। साइबर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि पीड़ित खुद शिकायत देने नहीं आया था किसी अन्य व्यक्ति को भेजा गया था। वहीं पीड़ित मनोज ने कहा कि पहले ही दिन थाने में शिकायत लेकर गया था और रसीद पावती देते पुलिसकर्मी बोले कि आप जाओ एक-दो दिन में पुलिसकर्मी आपके पास आकर खुद कार्रवाई करेगा, लेकिन कोई नहीं आया।
फोटो: पीड़ित मनोज कुमार।