अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के जीर्णोद्धार कराने का मामला लटक सकता है। ठेकेदार एनएचएआई के साथ जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कराने में देरी कर रहा है। एक माह से मामला लटका हुआ है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली-जयपुर हाईवे के दिल्ली-गुरुग्राम के बीच एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया है जिससे वाहन चालक दिल्ली से गुरुग्राम आसानी से पहुंच सके। हालांकि करोड़ों रुपये टोल की वसूली होने के बाद भी एक्सप्रेसवे की हालत सही नहीं है। कई जगहों पर एक्सप्रेसवे की रेलिंग समेत अन्य अव्यवस्थाएं हैं। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला के बीच दोनों ओर की सर्विस रोड खराब है। एनएचएआई ने दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के जीर्णोद्धार पर करीब 245 करोड़ का टेंडर जारी किया था और सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका मिला था। सूत्रों के अनुसार एनएचएआई व ठेकेदार के बीच एग्रीमेंट नहीं हुआ है। ठेकेदार से एनएचएआई को सुरक्षा राशि भी नहीं दिया है। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले को मुख्यालय देख रहा है। अभी कुछ कहना संभव नहीं है।
18 किलोमीटर हिस्सा गुरुग्राम में
दिल्ली में राव तुलाराम मार्ग से लेकर गुरुग्राम के खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक के भाग को दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे कहा जाता है। इसकी लंबाई 28 किलोमीटर है। 10 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में जबकि 18 किलोमीटर हिस्सा गुरुग्राम में पड़ता है। दो लाख से अधिक वाहन रोज गुजरते हैं। एनएचएआई ने दो साल के भीतर एक्सप्रेसवे की तस्वीर पूरी तरह बदलने की योजना बनाई है। योजना के मुताबिक सबसे पहले रेलिंग दुरुस्त किया जाना है। इसके बाद सड़क की मरम्मत का काम किया जाएगा। नरसिंहपुर गांव के सामने दोनों तरफ सर्विस लेन आरएमसी (रेडी-मिक्स कंक्रीट) की बनाई जाएगी। पुरानी लाइटों की जगह नई लाइटें लगाई जाएंगी।