संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम। सेक्टर-107 स्थित एम3एम वुडशायर सोसाइटी के निवासी पिछले करीब आठ वर्षों से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद उन्हें नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही है। जीएमडीए की पेयजल पाइपलाइन सोसाइटी तक नहीं पहुंचने के कारण निवासी महंगे पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं, जिससे हर महीने लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
सोसाइटी में करीब 5,000 लोग रहते हैं। निवासियों के अनुसार पानी की व्यवस्था के लिए सोसाइटी को हर महीने लगभग 14 लाख रुपये टैंकरों पर खर्च करने पड़ते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में आरडब्ल्यूए ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जीएमडीए ने पेयजल पाइपलाइन पर योजना बनाई है। जीएमडीए की ओर से इस कार्य के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है और अगले करीब छह महीने में काम पूरा होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, निवासियों ने मांग की है कि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए।
निवासियों का कहना है कि वर्तमान में जलापूर्ति की पाइपलाइन 75 मीटर रोड तक ही उपलब्ध है। वहां से बिल्डर ने सोसाइटी तक एक पतली पाइपलाइन बिछाई थी। शुरुआती वर्षों में कम आबादी होने के कारण उसी से काम चल जाता था, लेकिन जैसे-जैसे निवासियों की संख्या बढ़ी, पानी की कमी होने लगी और टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई।
यह समस्या करीब आठ साल से बनी हुई है। कई बार प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल में मुख्यमंत्री की बैठक के बाद जीएमडीए ने इस पर काम शुरू करने का फैसला लिया है।
-एडवोकेट चंदन दीप सिंह बम्मी, सचिव
हर महीने लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। इसका सीधा आर्थिक बोझ सभी निवासियों पर पड़ रहा है। करीब आठ साल से बनी हुई है समस्या। समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- सचिन गुप्ता, निवासी
जलापूर्ति की पाइपलाइन केवल 75 मीटर रोड तक है। वहां से बिल्डर की बिछाई पतली पाइपलाइन के जरिए पानी आता था। आबादी बढ़ने के साथ यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई और टैंकरों पर निर्भर होना पड़ा।
- आर.बी. सिंह, कोषाध्यक्ष