रिसर्च आधारित ट्रेनिंग से जुड़ेगें शिक्षक, जरूरतों के अनुसार होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और शिक्षकों को रिसर्च आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षकों और व्याख्याताओं की प्रशिक्षण जरूरतों के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में एससीईआरटी ने सभी डाइट प्राचार्यों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
इसके माध्यम से यह जाना जाएगा कि शिक्षकों को किस विषय के लिए ज्यादा प्रशिक्षण की जरूरत है और वे किन क्षेत्रों में नई जानकारी या कौशल सीखना चाहते हैं। इसके आधार पर आने वाले समय में प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। एससीईआरटी ने साफ कहा है कि सभी डाइट संस्थान अपने-अपने जिलों के स्कूलों तक यह जानकारी पहुंचाएं और ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों से फार्म भरवाना सुनिश्चित करें। इसके लिए डाइट की रिसर्च कमेटियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का मानना है कि इससे शिक्षकों की पढ़ाने की क्षमता और शैक्षणिक समझ को मजबूत किया जा सकेगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि आज के समय में पढ़ाने के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को नए तकनीक, नए शिक्षण तरीकों और रिसर्च से जोड़ना जरूरी है। इससे न केवल शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। फार्म भरने की अंतिम तिथि 16 मई तय की गई है।