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Gurugram News: हरेरा ने एआई से कराया मुल्यांकन, वाटिका कंपनी देगी 30 प्रतिशत राशि

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महिला द्वारा फ्लैट के लिए दिए गए 31.33 लाख रुपये ब्याज समेत वापस कर चुकी है वाटिका कंपनी
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विराट त्यागी
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) ने एक मामले की सुनवाई करते हुए बाजार की कीमतों का मूल्यांकन करते हुए (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एआई का इस्तेमाल किया है। एआई के इस्तेमाल के बाद हरेरा ने वाटिका कंपनी को आदेश दिया है कि समय से फ्लैट का पजेशन न देने और बीते पांच साल में फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर महिला से ली गई राशि का 30 प्रतिशत उन्हें दिया जाए। फ्लैट न देने पर वाटिका कंपनी 10.85 प्रतिशत की दर से रुपये पहले ही वापस कर चुकी है। यह आदेश हरेरा गुरुग्राम के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने दिया है।

नई दिल्ली के अशोक विहार फेज-एक निवासी महक ने प्राधिकरण में दायर की याचिका में कहा था कि उन्होंने सेक्टर-88 में वाटिका कंपनी की तरफ से बनाई गई एक्सप्रेशन रिहायशी प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक किया था। उनका कंपनी से बिल्डर बायर एग्रीमेंट (बीबीए) 20 अप्रैल 2016 में किया था। कंपनी से फ्लैट के लिए 85.63 लाख रुपये में करार किया गया था। उन्होंने 31.13 लाख रुपये कंपनी को दे भी दिए थे। कंपनी की तरफ से दावा किया गया था कि वह 20 अप्रैल 2020 तक फ्लैट का पजेशन उन्हें दे देगी लेकिन करीब डेढ़ साल में भी उन्हें फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने हरेरा में याचिका दायर की थी। हरेरा ने 2022 में कंपनी को आदेश दिया था कि वह महिला से ली गई राशि को 10.85 प्रतिशत की दर से वापस करें।
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2023 में महिला ने प्राधिकरण में दायर की याचिका में कहा कि उनकी तरफ से दी गई राशि को कंपनी ने इस्तेमाल किया लेकिन उन्हें समय पर फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया। अब उसी फ्लैट की कीमत काफी अधिक हो गई है। उन्होंने प्राधिकरण के सामने दूसरे फ्लैट की कीमत भी रखी गई। प्राधिकरण ने माना कि वह दूसरी कंपनी के प्रोजेक्ट की कीमत है।

प्राधिकरण ने एआई से निरीक्षण करते हुए कहा कि गुरुग्राम में 2020 से 2025 के बीच में आवासीय संपत्ति 84 प्रतिशत तक बढ़ी है। एआई की तरफ से कुछ रिपोर्ट्स में बीते दो साल में 67 प्रतिशत तक आवासीय संपत्ति में बढ़ोतरी तक बताया गया। प्राधिकरण ने फैसला देते हुए कहा कि यह सभी रिपोर्ट्स निर्णायक प्रमाण न हो फिर भी न्यायिक संज्ञान लिया जा सकता है कि अचल संपत्तियों चाहे वह प्लॉट हो ,आवासीय मकान हो या वाणिज्यिक हो सबकी 2020 से 2025 के बीच में कीमतों की बढ़ोतरी हुई है।
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प्राधिकरण ने वाटिका कंपनी महिला को आदेश दिया है कि महिला की तरफ से दिए गए 31.63 लाख रुपये राशि के 30 प्रतिशत यानि की 9.34 लाख रुपये उन्हें दिए जाए। इसके साथ ही इस दौरान महिला को हुई मानसिक परेशानी को देखते हुए एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च के लिए एक लाख रुपये भी दिए जाए।
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