फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: हूल क्रांति के वीरों को नमन कर किया याद

विज्ञापन
विज्ञापन
- हरियाणा में पहली बार हूल दिवस का भव्य आयोजन संपन्न
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। संथाल स्वाधीनता संग्राम के 10,000 वीर बलिदानियों की स्मृति में हूल दिवस का आयोजन अपैरल हाउस में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संघचालक पवन जिंदल, मेयर राज रानी मल्होत्रा व हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट के चेयरमैन रामअवतार गर्ग व वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील देवधर समेत अन्य ने वीरों को याद किया।
मुख्य वक्ता सुनील देवधर ने हूल क्रांति के वीरों, सिद्धो, कान्हू, चांद, भैरव, फूलो और झानो के त्याग और संघर्ष को आधुनिक भारत का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार हूल दिवस का आयोजन केवल एक स्मृति समारोह नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक न्याय है। उन वीर जनजातियों के बलिदान को मान्यता देने का जो अंग्रेजों के शोषण और अत्याचार के खिलाफ पहले क्रांतिकारी थे। यह संघर्ष जंगलों में लड़ा गया था, जहां सिदो और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में संथाल जनजाति ने 30 जून 1855 को ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ हूल (विद्रोह) का बिगुल फूंका।
विज्ञापन

उन्होंने कहा, देश को स्वतंत्र कराने में जनजातीय समाज का योगदान किसी भी अन्य समाज से कम नहीं है। हमारे आदिवासी भाई-बहनों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी, पर उनका बलिदान इतिहास में कई बार उपेक्षित रह गया।
विज्ञापन

संयोजक रविंद्र सिंह व सह-संयोजक डॉ. नवनीत गोयल ने बताया कि यह आयोजन भारत के लिए गौरवशाली लेकिन उपेक्षित इतिहास को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास है, जिसे लंबे समय तक भुला दिया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना माय होम इंडिया के दिल्ली-एनसीआर अध्यक्ष बलदेव राज सचदेवा ने रखी। वहीं, हरियाणा कोऑर्डिनेटर और कवि राजपाल सिंह ने अपनी ओजपूर्ण कविता के माध्यम से हूल क्रांति की भावना को पुनर्जीवित किया, अलख जगाई और लोगों में उत्साह का संचार किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें