ऑक्सीजन गैस के सिलिंडरों की तरह कोरोना मरीजों को लगाए जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी भी शहर में जोरों पर है। पांच हजार रुपये के इंजेक्शन को 25 से 30 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा ही गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों से पूछताछ के बाद इसका खुलासा हुआ है।
पिछले दिनों आरडी सिटी इलाके से मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जितेंद्र, राजकुमार एवं कमल किशोर को जबकि सेक्टर-40 इलाके से भरत सिंह को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में पकड़ा था। चारों आरोपी घरों में दवाइयां पहुंचाने व कभी-कभी नर्सिंग स्टाफ के तौर पर भी काम करते थे।
आरोपी भरत ने पूूछताछ में बताया है कि वह पांच हजार रुपये का इंजेक्शन खरीदकर कमलकिशोर को 10 हजार रुपये में बेचता था। कमलकिशोर इसी इंजेक्शन को 15 हजार रुपये में राजकुमार व राजकुमार जितेंद्र को 20 हजार रुपये में बेच देता था।
राजकुमार ग्राहकों से इस इंजेक्शन के 25 से 30 हजार रुपये वसूलता था। भरत ने बताया कि वह पांच हजार में जिससे इंजेक्शन खरीदता था वह दुकानदार था, लेकिन उसकी लोकेशन की जानकारी उसे नहीं है। वीडियो कॉलिंग व फोन के माध्यम से उससे सौदा होता था। भरत के पकड़ में आने पर उस दुकानदार ने अपना फोन बंद कर लिया है। इससे उसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
एक सदस्य के पकड़े जाने पर अन्य सतर्क हो जाते हैं। कालाबाजारी करने वालों की जड़ तक जल्दी पहुंचा जाएगा। ऐसे अपराधी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
- इंद्रजीत यादव, प्रभारी व डीएसपी, सीएम फ्लाइंग स्क्वायड, गुरुग्राम