जिले में आरबीएसके के तहत पहला निजी अस्पताल हुआ एम्पैन्लड
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को अब बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। इस योजना का उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात दोष, कमियां, बीमारियां और विकास में देरी जैसी समस्याओं की शीघ्र पहचान और उपचार करना है।
डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. रश्मि बत्रा ने बताया कि हाल ही में जिले में एक निजी अस्पताल को पहली बार एम्पैनल किया गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी। योजना के तहत जन्मजात दोष, बीमारियां, कमियां और विकास में देरी की शीघ्र पहचान की जाती है, जिससे बच्चों को समय पर उचित इलाज मिल सके।
मोबाइल हेल्थ टीम ने बीते दिन 17 बच्चों की जांच की थी, जिसमें से जांच के दौरान पाया गया कि एक बच्चे को तुंरत ह्रदय सर्जरी की जरूरत थी। इस दौरान निजी एम्पैनल अस्पताल में बच्चे सफल हृदय सर्जरी की गई है, जिससे परिजनों और आरबीएसके टीम को बड़ी राहत मिली है।
क्या है आरबीएसके
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों में चुनिंदा स्वास्थ्य समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उन्हें उपचार और सर्जरी से जोड़ने वाली योजना है। इसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर बच्चों को समग्र और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
स्क्रीनिंग
- व्यापक नवजात जांच (सीएनएस) प्रसव स्थलों पर नवजात शिशुओं में जन्मजात दोषों की पहचान के लिए की जाती है।
- मोबाइल हेल्थ टीमों (एमएचटी) की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में बच्चों की सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य जांच की जाती है।
निशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा
आंगनबाड़ी केंद्रों में छह सप्ताह से छह वर्ष तक और विद्यालयों में 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच मोबाइल स्वास्थ्य टीमों की ओर से की जाती है। जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा दी जाती है।
यहां करें संपर्क
यदि नवजात शिशु में किसी प्रकार की शारीरिक समस्या दिखाई दे पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या नागरिक अस्पताल से संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल के बेसमेंट में कमरा नंबर 9 में जाकर विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है।
कई बार नवजात शिशुओं में शारीरिक समस्याएं होती हैं, जिनके लिए तुरंत इलाज जरूरी होता है। ऐसे मामलों में आरबीएसके के तहत निशुल्क उपचार मिलता है। जिले में अस्पताल एम्पैनल होने से गंभीर मरीजों को शीघ्र इलाज सुविधा मिल सकेगी। -डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग